जाट सेंटर पर चल रही सेना भर्ती में गुरुवार को दो युवकों के पास फर्जी प्रवेश पत्र मिले। प्रवेश पत्र पर फोटो साफ नहीं थे, जब फोटो स्कै न किए गए तो कंप्यूटर सिस्टम ने इसे ओके नहीं किया। युवकाें से पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया। इससे पहले बुधवार को संदिग्ध दस्तावेज के साथ नौ अभ्यर्थियाें को पूछताछ के लिए बैठाया गया था। हालांकि इन सभी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया है।
सेना भर्ती रैली में फर्जी दस्तावेज से प्रवेश करने का मामला थम नहीं रहा है। बुधवार को नौ अभ्यर्थी पकड़े जाने के बाद गुुरवार को दो युवक फिर सेना के हत्थे चढ़े। इनके पास एडमिट कार्ड तो थे, लेकिन उसमें फोटो साफ नहीं थी। एडमिट कार्ड को स्कैन किया गया तो स्कैनर ने ओके नहीं किया। हालांकि इन्हें जाली नहीं बताया जा रहा है। संदिग्ध कागज होने के चलते अभ्यर्थियाें से पूछताछ करके छोड़ दिया गया है। इस बार सेना की ओर से ऑनलाइन आवेदन करने वाले सभी अभ्यर्थियों को ऑनलाइन ही प्रवेश पत्र जारी किए गए हैं। इनकी जांच के बाद ही उन्हें भर्ती के लिए प्रवेश दिया जा रहा है। कागजाें के सत्यापन को लगी टीम की नजर में यह पकड़े जा रहे हैं।
मार्कशीट में नंबराें का हेरफेर था
बुधवार को पकड़े गए नौ अभ्यर्थियाें को सेना ने पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। इनकी मार्कशीट में जो नंबर दर्ज थे वह संदिग्ध लग रहे थे। कर्नल राजीव दीक्षित ने बताया कि अभ्यर्थियों के हाईस्कूल में गणित में दो नंबर थे, लेकिन इंटर में ही इसके 96 नंबर आ गए। ऐसी ही अन्य गड़बड़िया थीं। इससे संदेह उत्पन्न हुआ और इनकी भर्ती पर रोक लगाई गई। हालांकि अभी तक जाली मार्कशीट से प्रवेश का कोई मामला सामने नहीं आया है।
‘दो युवकों के प्रवेश पत्र में फोटो ठीक नहीं थी, वे स्कैन के दौरान ओके नहीं हुआ। उनसे पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया।’
क र्नल राजीव दीक्षित, निदेशक, भर्ती बोर्ड