एक्सीलेंट एकेडमी में नवीं क्लास का आखिरी पेपर देकर लौट रहे दो छात्रों को उन्हीं के स्कूल की बस ने कुचल दिया। जब तक उन्हें बरेली के अस्पताल लाया गया, दोनों की मौत हो चुकी थी। दोनों भट्ठा मालिकों के बेटे हैं। कस्बे में व्यस्त रहने वाली सड़क पर गांधी मेडिकल स्टोर के सामने यह दर्दनाक हादसा हुआ। दोनों ही परिवारों में कोहराम मचा हुआ है।
कस्बा शीशगढ़ के दर्जी चौक निवासी ईंट भट्ठा स्वामी अब्दुल हफीज का 16 वर्षीय बेटा सालिम हुसैन और उसका 18 वर्षीय दोस्त सैफ बरेली-शीशगढ़ रोड पर एक्सीलेंट एकेडमी में कक्षा नौ के छात्र थे। सोमवार को करीब डेढ़ बजे दोनों दोस्त नवीं का आखिरी पेपर देकर घर लौट रहे थे। आगे उन्हीं के स्कूल की बस छात्र-छात्रों को लेकर चल रही थी। कस्बे में गांधी मेडिकल स्टोर के सामने सालिम ने ओवरटेक करके बाइक को जैसे ही बस से आगे निकाला। बाइक फिसलकर बस के पहिए के आगे गिर गई। हादसे में दोनों छात्र पहिए के नीचे आने से बुरी तरह जख्मी हो गए। परिवार वाले घायलों को आनन-फानन में बरेली के निजी अस्पताल लाए। घायलों के साथ शीशगढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष हाजी जाहिद हुसैन उर्फ गुड्डू और बसपा विधायक सुल्तान बेग भी थे। यहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस की तमाम कोशिशों के बावजूद परिवार वाले छात्रों का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं हुए। बस को कब्जे में लेकर पुलिस ने चालक को हिरासत में ले लिया है। हादसे से मृतकों के परिवार में कोहराम मचा हुआ है।
अस्पताल में घर वालों को संभालना मुश्किल हो गया
निजी अस्पताल में रोते-बिलखते परिवार वालों को संभालना मुश्किल था। उनका रोना देखकर वहां मौजूद सभी की आंखें नम हो गई थीं। परिवार वाले एंबुलेंस से सैफ और सालिम के शवों को शीशगढ़ ले गए। पहले तो यह हुआ कि दोनों शवों का कस्बे के पहले अस्पताल में रखकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा, लेकिन बाद में सालिम और सैफ के पिता अपने बेटों का पोस्टमार्टम कराने के तैयार ही नहीं हुए। उन्होंने पुलिस को लिखकर दे दिया कि पोस्टमार्टम नहीं कराना चाहते हैं। आला अधिकारियों से बात करने के बाद एसओ ने भी चुप्पी साध ली।