एसटीएफ की बरेली यूनिट और सेंट्रल नारकोटिक्स ब्यूरो ने फतेहगंज पश्चिमी में होटल प्लाजा के पास नशे के तीन सौदागरों को गिरफ्तार कर उनकी लग्जरी कार से 44 किलो चरस बरामद की है। यह चरस बिहार से लाई गई थी जिसकी डिलीवरी मुजफ्फरनगर के शामली कस्बे में की जानी थी। तस्करों ने अपनी कार के शीशे पर कमल का फूल लगा रखा था और डिग्गी में स्टेपनी की जगह कैविटी बनाकर चरस छिपाई गई थी। तीनों तस्करों ने पूछताछ में बताया कि वे पुलिस को चकमा देकर नौ और 27 सितंबर को भी बरेली के रास्ते चरस की बड़ी खेप ले गए थे।
मुखबिर से मिली सूचना के बाद एसटीएफ प्रभारी अजय पाल के नेतृत्व में मंगलवार को फतेहगंज पश्चिमी टोल प्लाजा पर घेराबंदी की गई। दिल्ली के नंबर की एक होंडा सिटी कार को रोककर तलाशी ली गई तो उसकी डिग्गी में कैविटी मिली। इसी कैविटी में 44 किलो चरस रखी हुई थी, इसकी अंतर्राष्ट्रीय बाजार में करीब 44 लाख कीमत बताई गई है। गिरफ्तार किए गए तस्करों में एक मोतिहारी कानपुर नौबस्ता निवासी संतोष यादव है, जबकि दूसरा बस्ती नलिहापुर थाना छावनी निवासी पूरन कुमार है और तीसरा मेराज चाप गांव थाना पिपरा स्टेशन मोतिहारी बिहार निवासी है। तीनों तस्करों को माल की डिलीवरी के बाद एक किलो चरस पर एक हजार रुपये के हिसाब से पेमेंट मिलना था।
नेपाल से मोतिहारी लाई गई थी चरस
नेपाल से चलकर टाटा सूमो में चरस रक्सौल के रास्ते मोतीहारी लाई गई थी, जहां से उसे होंडा सिटी कार में रखकर तीनों तस्कर शामली ला रहे थे। टाटा सूमो हदीश नाम के तस्कर की है। मोतिहारी तक तस्कर कय्यूम मोहम्मद का बेटा मेराज मोहम्मद खेप लाया था। नेपाल बार्डर के पास अड्डे पर चरस छिपाकर रखी जाती है। होंडा सिटी के नंबर ट्रेस करने पर नार्थ-वेस्ट दिल्ली के मजलिस पार्क के पास मकान नंबर बी 245 निवासी जहूर अहमद का नाम सामने आया है। एसटीएफ अब जहूर से पूछताछ की तैयारी कर रही है।
भूरा खां आया रडार पर
केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो के अधिकारी एमपी सिंह के मुताबिक जिला शामली के बड़े तस्कर साजिद उर्फ भूरा खां को इस खेप की डिलीवरी होनी थी। भूरा परसाखेड़ा में 12 दिसंबर 2016 को पकड़ी गई 76 किलो चरस प्रकरण में भी वांछित चल रहा है। अब एसटीएफ भूरा खां की तलाश कर रही है।
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अंतर राष्ट्रीय बाजार में करीब 44 लाख कीमत की चरस बरामद करके तीन तस्करों को पकड़ा गया है। नेपाल और शामली के तस्करों के लिंक मिले हैं। जल्द उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी।
- अजय पाल, प्रभारी एसटीएफ