न्यायपालिका के हालिया कुछ फैसलों को देखें तो साफ है कि कोर्ट ने राजनीतिक पैंतरेबाजी और पुलिस की रसूखदारों के अपराधों पर पर्दा डालने की कोशिश के बावजूद समाज को यह संदेश दिया कि कानून से ऊपर कोई नहीं। इसके बावजूद पुलिस रसूखदारों पर मेहरबानी से बाज नहीं आ रही। टोल प्लाजा के कर्मचारियों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटने के मामले में पुलिस के तौर-तरीकों ने यह फिर साबित कर दिया है। इस मामले में आरोपों से घिरे सीतापुर के बिसवां विधानसभा क्षेत्र के भाजपा विधायक महेंद्र सिंह के खिलाफ 150 दिन बीतने के बाद भी पुलिस जांच शुरू करने की हिम्मत नहीं जुटा पा रही है। न जांच आगे बढ़ी है और न बयान हुए हैं। विवेचक महावीर सिंह 45 दिन की छुट्टी पर अमेरिका घूमने गए थे। लौटने के बाद उनसे विधायक महेंद्र सिंह के खिलाफ दर्ज रिपोर्ट के बारे में जानकारी चाही तो उनके पास बताने के लिए कुछ नहीं था। सीओ मीरगंज ने केस की प्रगति बताने में दो दिन का समय लिया और उसके बाद बताया कि जांच में कुछ नहीं हुआ है।
बता दें कि 18 अप्रैल को दिल्ली से अपने काफिले के साथ बिसवां, सीतापुर लौट रहे भाजपा विधायक महेंद्र सिंह ने टोल प्लाजा पर कर्मचारियों से मारपीट की थी। कर्मचारियों का कसूर सिर्फ इतना था कि उन्होंने विधायक के समर्थकों की कारों को टोल लेने के लिए रोक लिया था। इससे खफा समर्थकों ने कर्मचारियों से बदसलूकी की। उन्हें दौड़ा-दौड़ाकर पीटा। टोल प्लाजा के सीसीटीवी कैमरे में समर्थकों के साथ विधायक भी एक कर्मचारी पर हाथ उठाते नजर आते हैं। कर्मचारी के भागने पर कार के पीछे तक विधायक उसका पीछा करते दिखते हैं। विधायक ने किसी भी वाहन का टोल टैक्स नहीं दिया और धमकी देकर काफि ले के साथ वहां से चले गए। इस प्रकरण के बाद टोल प्लाजा मैनेजर वैभव शर्मा ने फतेहगंज पश्चिमी थाने में शिकायत दर्ज कराई, लेकिन पुलिस ने कार्रवाई नहीं की।
पहले पहचानने से ही इंकार करती रही पुलिस
टोल प्लाजा पर मारपीट का वीडियो दो दिन बाद वायरल होने पर पार्टी संगठन इस पर पर्दा डालने की कोशिश में जुट गया। वहीं पुलिस भी दबाव में आ गई। मामला उछला तो बमुश्किल फतेहगंज पश्चिमी थाने में विधायक के खिलाफ एनसीआर दर्ज हुई। खासबात है कि शुरुआती 60 दिनों तक तो पुलिस ने यह माना ही नहीं कि वीडियो में जो शख्स नजर आ रहा है वह सीतापुर बिसवां के विधायक महेंद्र सिंह हैं। इस दौरान क्षेत्राधिकारी, थाना प्रभारी भी बदल गए और जांच ठंडे बस्ते में चली गई।
रिपोर्ट दर्ज हुई है तो साक्ष्यों के आधार पर जांच पूरी होगी। फतेहगंज पश्चिमी थाना प्रभारी को निर्देश दिया जाएगा। निष्पक्ष जांच के बाद रिपोर्ट ली जाएगी।
- एसके भगत, आईजी, बरेली रेंज