फर्रुखाबाद के थाना मऊदरवाजा इलाके के रहने वाले भीकमपुर से बिना जेवर के आई बारात को दुल्हन ने लौटा दिया। पुलिस के हस्तक्षेप पर 24 घंटे बाद मोहल्ले के जिम्मेदार लोगों ने बैठकर किसी तरह मामले को निपटा दिया। दोनों पक्षों में लिखित में समझौता होने के बाद बारात को वापस करा दिया गया।
मोहल्ला भीकमपुर के रहने वाले खुशनवाज का रिश्ता दो साल पहले जगतपुर में पानी की टंकी के पास रहने वाली लड़की के साथ हुई थी। लड़की के दोनों भाई ओमान में नौकरी करते हैं। बहन की 26 अप्रैल शादी की तारीख तय होने पर उनमें से एक पांच अप्रैल को आ गया। मां की पहले ही मौत हो चुकी है। घर में खुशियों का माहौल था। दहेज में भी काफी सामान खरीदा था। बारात आने के बाद रस्में शुरू हुई तो खुशनवाज के परिवार वालों की पोल खुल गई। वह केवल सात जोड़े कपड़े लेकर चले आए थे। लड़की के लिए जेवर के बारे में जानकारी की तो कहने लगे हमारे यहां यह सब नहीं चलता है। इसी को लेकर दोनों पक्षों के लोगों में बहस होने लगी। बात इतनी बढ़ गई पुलिस तक पहुंच गई। लड़की ने जेवर न लाने की जानकारी होने पर खुशनवाज से शादी करने से इनकार कर दिया। मोहल्ले के जिम्मेदार लोग दोनों पक्षों को समझाकर मामला निपटाने की कोशिश करते रहे। कई दौर की चली, लेकिन लड़की ने किसी की एक नहीं सुनी। कहने लगी उसे किसी भी हाल में अब खुशनवाज से निकाह ही नहीं करना है। प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन ने बताया कि लड़के वाले खाली हाथ चले आए थे। इसलिए लड़की के परिवार वाले शादी के लिए राजी ही नहीं हुए। इसलिए बारात को वापस जाना पड़ा।
मंगनी के रुपये भी करने पड़े वापस
चौकी इंचार्ज जगतपुर उरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि बमुश्किल मामला निपटाया है। खुशनवाज के परिवार वालों को मंगनी के रुपये भी वापस करने पड़े। लड़की वालों का खाना बर्बाद हो गया। हमने रिश्ता जुड़वाने की काफी कोशिश की, लेकिन बात नहीं बन पाई।
हम किसी तरह से बच गए
लड़की का कहना है कि जो हुआ अच्छा हुआ। अभी से ही लड़के वालों का यह रुख है तो पता नहीं आगे क्या करते। हमारे ही परिवार वालों से शायद लड़के वालों को पहचानने में गलती हुई है। सबसे अच्छा यह हुआ कि वह अभी अपने परिवार के साथ है। जो होता है अच्छे के लिए होता है। खुदा को शायद यही मंजूर था।