यमुना नदी में रात के अंधेरे में अवैध तरीके से खनन का खेल खेला जा रहा है। एनजीटी की सख्ती और एक सप्ताह पहले अमर उजाला के खुलासे के बाद जिला प्रशासन ने मंगलवार रात 10 बजे से सुबह 4 बजे तक यमुना नदी पर छापा मारकर जांच की। एसडीएम निशांत यादव की अगुवाई में पुलिस ने न केवल गोहाना के नजदीक गांव रूखी के संदीप से दूसरे युवक की लाइसेंसी रिवाल्वर बरामद की, साथ में एक पोकलैंड मशीन, दो ट्रैक्टर, एक बाइक और 15 ओवरलोडेड वाहन भी जब्त किए। प्रशासन की कार्रवाई को बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा हैं, क्योंकि अवैध खनन का मामला पहले भी चर्चा का विषय बनता रहा है, लेकिन कार्रवाई के नाम पर अब कदम उठाया गया है। खास बात यह है कि रात के समय मारे गए छापे के दौरान खनन विभाग के अधिकारियों को साथ नहीं लिया गया। खनन एक्ट-2012 एवं एनजीटी की गाइडलाइंस के तहत यमुना नदी में खनन के लिए किसी भी प्रकार की मशीनरी का प्रयोग नहीं किया जा सकता। इसके अलावा दो माह पहले जिला कष्ट निवारण एवं परिवाद समिति की मीटिंग में भी कुछ लोगों ने अवैध खनन को लेकर शिकायत की थी। प्रशासन ने इसके लिए एसडीएम निशांत यादव की अगुवाई में विशेष टीम गठित की थी, जिसमें डीआरओ व डीएसपी सहित अन्य अधिकारियों को भी शामिल किया गया था।
मंगलवार शाम डीसी ने दी कार्रवाई को हरी झंडी
एसडीएम निशांत यादव ने बताया कि प्रशासन को लगातार अवैध खनन की सूचना मिल रही थी। मंगलवार शाम डीसी केएम पांडुरंग ने कार्रवाई को हरी झंडी दी। योजना के तहत एसडीएम सोनीपत निशांत यादव ने डीएसपी गन्नौर, एसएचओ मुरथल और गन्नौर सहित 35 पुलिसकर्मियों को साथ लिया। सबसे पहले मीमारपुर घाट के पास रेत खान पर छापा मारा। इसके बाद बड़ौली और दूसरी अन्य खानों की जांच की। जांच में प्रशासन की टीम ने एक पोकलैंड मशीन, एक ट्रैक्टर लोडर, एक ट्रैक्टर-ट्राली, एक बाइक पकड़ी गई। साथ ही 15 ओवरलोड ट्रक भी पकड़े गए हैं। वहीं मीमारपुर खान से भी एक युवक को काबू किया गया। उसके पास से एक रिवाल्वर मिली है। पूछताछ में उसने बताया कि यह रिवाल्वर लाइसेंसी हैं, लेकिन किसी से वैसे ले
अवैध खनन के खेल के पीछे कौन?
यमुना नदी में चल रहे अवैध खनन के खेल के पीछे कौन हैं। आखिर किसकी मिलीभगत से यह खेल चल रहा है। क्या प्रशासन असली खिलाड़ियों तक पहुंच पाएगा या रसूखदार लोगों के दबाव में मामले को दबा दिया जाएगा। बुधवार को छापे के बाद यह सवाल चर्चा का विषय बना रहा। अब सवाल उठता है कि क्या पुलिस और प्रशासन की टीम गहराई से पूछताछ की असली खिलाड़ियों तक पहुंच पाएंगी। यह तो समय ही बताएगा।
4 मई को एनजीटी के सामने देना है जवाब
एनजीटी में याचिका दायर की गई है कि यमुना नदी में रात के समय मशीनों से खनन किया जाता है। इससे पर्यावरण प्रभावित हो रहा है। एनजीटी ने मशीनों से खनन पर रोक लगा रखी है। इसके बावजूद यह खेल चलने का आरोप लगाया गया था। 21 अप्रैल को जिला खनन विभाग और सरकार ने एनजीटी के सामने अपना जवाब दाखिल किया था। मामले की अगली सुनवाई अब 4 मई को होगी। ऐसे में माना जा रहा है कि प्रशासन ने यह कार्रवाई एनजीटी के सामने जवाब देने के लिए की है।
मिलीभगत की होगी जांच : डीसी
डीसी केएम पांडुरंग का कहना है कि मामले की गहराई से जांच की जा रही है। प्रशासन के किसी अधिकारी या पुलिस की मामले में मिलीभगत मिली तो बख्शा नहीं जाएगा।
आगे भी छापामारी जारी रहेगी
छापे को बेहद गोपनीय रखा गया था। चंद अधिकारियों को ही इसकी सूचना दी गई। रात को कार्रवाई पूरी होने के बाद सुबह चार बजे खनन विभाग के अधिकारियों को बुलाया गया। आगे भी लगातार छापामारी जारी रहेगी। खनन विभाग से ही मामला जुड़ा, लेकिन उसी विभाग के अधिकारियों को कार्रवाई में शामिल नहीं किया गया। इस सवाल पर एसडीएम ने कहा कि छापामार टीम में खनन विभाग के अधिकारी शामिल ही नहीं थे। इसलिए नहीं बुलाया गया।
-निशांत यादव, एसडीएम सोनीपत
रात दो बजे खुला मिला शराब का ठेका सील
एसडीएम ने बताया कि मुरथल के पास स्थित एक शराब के ठेके को भी सील कर दिया गया है। पिछले काफी दिनों से ग्रामीण शिकायत कर रहे थे कि यह ठेका रात दो बजे तक खोला जा रहा है जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में रात 11 बजे तक ही ठेका खोला जा सकता है। मंगलवार रात करीब दो बजे जब यहां चेकिंग की गई तो ठेका खुला पाया गया। यहां से एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर ठेका सील कर दिया गया है। ठेका संचालक के खिलाफ एक्साइज एक्ट के तहत मामला दर्ज किया जाएगा।