एसएसपी आरके भारद्वाज ने जिले के नेताओं और अफसरों की मेहरबानी से मनपसंद थानों में तैनाती कराने वाले करीब ढाई सौ पुलिस कर्मियों को हटा दिया, लेकिन बरेली में रेंज के जिलों से अटैच पुलिस कर्मी अभी नहीं हट पाए हैं। तमाम पुलिस कर्मी मलाईदार स्थानों पर तैनाती पाकर मोटी रकम कमा रहे हैं।
जिले में करीब ढाई पुलिस कर्मी री-पोस्टिंग कराकर मनपसंद थानों में तैनाती कराए हुए थे। एसएसपी ने ऐसे सभी पुलिस कर्मियों का तबादला कर दिया है, लेकिन बरेली रेंज में अटैच कराने वाले सिपाही अभी तक नहीं हटे हैं। पुलिस सूत्रों के मुताबिक रेंज से चारों जिलों में करीब दो सौ पुलिस कर्मी दूसरे जिलों में अटैच हैं। बरेली में अटैच होने वाले पुलिस कर्मियों की तादाद सबसे अधिक है। बदायूं, पीलीभीत और शाहजहांपुर में भी करीब 50-50 पुलिस कर्मी दूसरे जिलों से अटैच होकर नौकरी कर रहे हैं। हालांकि इनमें कुछ सही केस भी हैं। जो पुलिस कर्मी ऑफिस में अटैच होकर नौकरी कर रहे हैं, उनके साथ तो कोई न कोई मजबूरी है। किसी को परिवार के साथ रहना जरूरी है। किसी की अन्य समस्या है। कुछ पुलिस कर्मी तो ऐसे हैं जो अटैचमेंट के बहाने दूसरे जिलों का कार्यकाल बरेली में रहकर काट रहे हैं। ताकि वहां का जैसे-तैसे समय पूरा होने पर बाद में बरेली में परमानेंट तैनाती कराकर नौकरी करने में कोई समस्या नहीं आ पाए। डीआईजी आशुतोष कुमार ने बताया कि कितने पुलिस कर्मी अटैच हैं, उनके बारे में पता कराकर दिखवाते हैं। जिनकी समस्या सही होगी वही अटैच होकर नौकरी कर पाएंगे। बाकी को उनके जिलों को रिलीव कराया जाएगा।