एक गांव में प्रेमी युगल की कोर्ट मैरिज के झगड़े को निपटाने के लिए बुलाई गई पंचायत में मंगलवार को बखेड़ा हो गया। लड़के ने लड़की के घर वालों पर उसके पिता का अपहरण करने का आरोप लगाया तो पुलिस पहुंच गई। इससे पंचायत में अफरातफरी मच गई। पुलिस पंचों को उठाकर थाने ले आई। देर शाम तक दोनों पक्षों में थाने में पंचायत चलती रही। बाद में सभी को छोड़ दिया गया।
मामला नौ मार्च का है। गांव का एक युवक दूसरे दूसरे संप्रदाय की लड़की को भगा ले गया था। दोनों ने हाईकोर्ट में पेश होकर धर्म परिवर्तन कर शादी करने का दावा किया तो हाईकोर्ट ने दोनों की सुरक्षा के साथ ही गिरफ्तारी पर रोक लगा दी थी। झगड़े की आशंका को देखते हुए लड़के के घरवाले पड़ोस के ही दूसरे गांव में अपनी रिश्तेदारी में रहने लगे। लड़की के घर वालों ने गांव के ही संभ्रांत लोगों की मदद से उन पर दबाव बनाना शुरू कर दिया। वे लड़की की बरामदगी की मांग करने लगे। उनका कहना था कि लड़की की दूसरी जगह शादी कर देंगे जिससे कोई मनमुटाव नहीं रहेगा। मंगलवार दोपहर लड़के के पिता के चाचा, फूफा, इसी गांव के पूर्व प्रधान, मौजूदा प्रधान के पति और लड़की पक्ष के दो लोग उस गांव में पहुंचे जहां युवक के पिता परिवार समेत रह रहे हैं। दोपहर एक बजे गांव के प्रधान की चौपाल में बैठकर पंचायत करने लगे। युवक के पिता को भी बुला लिया गया।
इसी दौरान युवक ने एसओ जेपी यादव को फोन करके बताया कि लड़की पक्ष के कुछ लोग उसके पिता का अपहरण करके ले जा रहे हैं। तत्काल पुलिस मौके पर पहुंची और सभी पंचों को पकड़कर थाने ले आई। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो सभी गिड़गिड़ाने लगे। इन्होंने सिर्फ पंचायत करने की बात बताई। एक विधायक का फोन भी इन लोगों को छोड़ने की सिफारिश में पहुंचा। पुलिस ने जानकारी की तो पता लगा कि इन लोगों ने किसी से कोई जबर्दस्ती नहीं की थी। तब पुलिस ने इन्हें चेतावनी देकर छोड़ दिया। एसओ जेपी यादव ने बताया कि पकड़े गए लोगों का कोई अपराध नहीं मिला तो छोड़ दिया गया। नव दंपति के मामले में पुलिस हाईकोर्ट के आदेश का पालन करेगी और उन्हें परेशान करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी।