देवचरा स्थित कोल्ड स्टोरेज में नेफ्था से नकली पेट्रोल बनाने का मामला केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्रालय पहुंच गया है। वहां के निर्देश पर सभी तेल कंपनियों की संयुक्त रूप से हाईपावर कमेटी बनाकर जांच कराने का फैसला लिया है। अगले सप्ताह इस बारे में विधिवत आदेश जारी हो जाएंगे और यह यह टीम जांच के लिए बरेली के साथ-साथ गुजरात भी जाएगी। इतना नहीं आंवला स्थिति विभिन्न कंपनियों के डिपो में भी जांच होगी।
पेट्रोलियम मंत्रालय के पास केंद्रीय खुफिया एजेंसी आईबी तथा प्रदेश सरकार की विजिलेंस के माध्यम से नकली पेट्रोल के खेल की रिपोर्ट पहुंच गई है। जिसमें आशंका व्यक्त की गई है कि गुजरात की रिफायनरी से नेफ्था के टैंकर कानपुर की फर्टीलाइजर कंपनी के स्थान पर बरेली भेज दिए गए। यह भी आशंका व्यक्त की है कि आंवला डिपो से आईओसी तथा तीन अन्य तेल कंपनियों के डिपो हैं। इन डिपो से पेट्रोल पंपों पर आने वाले पेट्रोल को देवचरा स्थित कोल्ड स्टोेरेज पर लाकर उसमें से असली पेट्रोल को निकालकर तैयार किए गए नकली पेट्रोल को डाला जाता था। इसमें टैंकर के मालिक, डिपो, ड्राइवर, कुछ पंप मालिक के संलिप्त होने की आशंका है।
बरेली में नकली तेल के इस खेल में हर महीने कई करोड़ के राजस्व का पेट्रोलियम मंत्रालय को घाटा हुआ है। इस खुलासे के बाद मंत्रालय की ओर से एडवाइजरी जारी की जा रही है। जिसमें जहां जहां नेफ्था की सप्लाई हो रही है, वहां हाईपावर कमेटी की ओर से गोपनीय जांच की जाएगी। जिसमें यह देखा जाएगा कि जितना कोटा लिया गया है, उतनी खपत है या नहीं। खपत नहीं है तो उसका निश्चित रूप से नकली पेट्रोल बनाने में दुरुपयोग कर रहे होंगे।
आईओसी के चेयरमैन तक पहुंचा तेल का खेल
पिछले दिनों देवचरा में पकड़े गए नकली पेट्रोल के खेल का मामला इंडियन आयल कंपनी के चेयरमैन को भेज दिया है। इसमें पुलिस की ओर से की गई कार्रवाई तथा आरोपियों की ओर से दिए गए बयान का उल्लेख किया है। उन्होंने इस मामले की उच्च स्तरीय जांच कराकर दोषी अफसरों के खिलाफ कार्रवाई को भी कहा है। संकेत मिले हैं कि चेयरमैन ने इस प्रकरण की रिपोर्ट अधीनस्थों से मांगी है। जिसके आधार पर जांच और उसके बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई होगी। क्योंकि किसी न किसी स्तर पर गोलमाल तो हुआ ही है।
‘देवचरा में नेफ्था से नकली पेट्रोल बनाने के खेल की जानकारी उच्च अधिकारियों को दे दी है। अब उच्च अधिकारियों को इस तरह की गड़बड़ी रोकने का फैसला लेना है। स्थानीय स्तर पर फील्ड आफीसरों को पंपों पर अधिक से अधिक पड़ताल के निर्देश दिए हैं। जिस स्तर पर गड़बड़ी मिलेगी, वहां सख्त कार्रवाई की जाएगी।’ अरुण ठाकले, मंडल सेल्स प्रबंधक