शादी के चार दिन बाद पत्नी को विदा कराने आए दूल्हे का जूता चुराने की रश्म ने दो परिवारों को आपस में ही भिड़ा दिया। लड़की वालों ने 20 हजार रुपये नेग में नहीं मिलने पर पहले तो हंगामा किया। दूल्हा और भाई बिना विदा कराए ही घर लौटने लगे तो यूपी 100 को फोन कर उन्हें बदमाश बता दिया। उन्हें पकड़ने के लिए कटरा और फरीदपुर की पुलिस दौड़ पड़ी। फरीदपुर में वे पकड़े गए तो असली बात सामने आई। इसके बाद पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले आई। दूल्हा और भाई को छोड़ दिया गया है कटरा थाने में शुक्रवार को दोनों पक्षों में समझौता होगा।
थाना कैंट के उमरिया सैदपुर गांव के जफर की शादी शाहजहांपुर के कटरा के मोहल्ला वंशान निवासी शमशाद की बेटी हिना के साथ 26 फरवरी को हुई थी। विदाई के बाद बहू 28 फरवरी को अपने मायके कटरा चली गई। पहली विदा करवाने के लिये जफर, उसके भाई और चार साल का भतीजा बृहस्पतिवार दोपहर दो बजे वहां पहुंचे और नाश्ता करने के दौरान ही जफर की साली ने जूता चुरा लिया। जूता वापस करने के एवज में बीस हजार रुपये मांगे गए। जफर ने इक्कीस सौ रुपये ही दिए लेकिन इन्हें लेने को कोई राजी नहीं हुआ। इसके बाद कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ता गया तो जफर अपने परिवार वालों को लेकर कार से कटरा से बरेली की ओर चला गया। बिना रुपये दिए जाना जफर के ससुरालियों को नागवार गुजरा। उन्होंने यूपी 100 पर कॉल कर दी कि बदमाश भाग रहे हैं। पुलिस ने कटरा के पास कार को रोकने का प्रयास किया लेकिन जफर और उसके भाई कार को बचा कर निकाल लाए। इसके बाद फरीदपुर पुलिस को सूूचना दी गई। फरीदपुर पुलिस ने बाजार में कार को पकड़ लिया। प्रभारी निरीक्षक आरएन चौधरी ने पूछताछ की तो जफर ने बताया कि उनके साथ भाई आसिफ, आजम, शाहिद और भतीजा नक्श साथ में है। उन्हें लगा कि ससुराल वाले घेर कर बंद कर देंगे तो वह भाग गए। जफर ने बताया कि नक्श छोटा है और यह डर लगा कि कहीं उनको कुछ न हो जाए इसलिए वह चले गए। कटरा से पहुंची पुलिस और जफर के ससुराल के नौशाद आदि का कहना था कि उनके पास हथियार थे और कोई बड़ी घटना घटित कर सकते थे। प्रभारी निरीक्षक ने एसओ कटरा से बात की। इसके बाद भी दोनों पक्ष कोतवाली में ही भिड़ने लगे। हालांकि बाद में तय हुआ कि दोनोें पक्षों को कटरा एसओ बुलाएंगे। वहां वार्ता होगी।