पूर्णिमा पर बरेली से गंगा स्नान कर लौट रही नानी और उसका 10 साल का नाती सुपर फास्ट ट्रेन की चपेट में आ गए। दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसा सुबह साढ़े छह बजे आंवला रेलवे स्टेशन पर लाइन पार करते समय हुआ। हादसे के बाद स्टेशन पर अफरातफरी मच गई। होली के ठीक एक दिन पहले दो परिवारों की खुशियां पल भर में बिखर गईं।
आंवला क्षेत्र के गांव रम्पुरा गांव की 60 वर्षीय कमला उर्फ विमला देवी मंगलवार को रामगंगा में स्नान करने आई थीं। उनके साथ 10 वर्षीय नाती विष्णु कुमार पुत्र मुनेंद्र निवासी रतनपुरी, बिसौली (बदायूं) भी था। दोनों बुधवार सुबह पांच बजे बरेली से आगरा कैंट एक्सप्रेस में बैठ गए। आंवला में ट्रेन से उतरने के बाद दोनों लाइन पार कर रहे थे। अचानक सामने से 5012 चंडीगढ़-लखनऊ सुपरफास्ट एक्सप्रेस आ गई। दोनों कुछ समझ पाते, ट्रेन टक्कर मारकर गुजर गई। दोनों के शव रेलवे लाइन पर क्षतविक्षत मिलने पर भीड़ लग गई। जीआरपी ने शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम कराया और परिवार वालों को सौंप दिया।
दो दिन पहले ही ननिहाल आया था विष्णु
कमला देवी की बेटी सुमन की ससुराल बदायूं के बिसौली क्षेत्र के रतनपुर में है। कमला देवी का बेटा गोविंद सोमवार को सुमन के घर गया था। वहां से अपने भांजे विष्णु को भी ले आया था। कमला देवी स्नान करने गई तो उसे भी साथ ले गई।
ओवरब्रिज न होने से गई जान
आंवला रेलवे स्टेशन पर ओवरब्रिज न होने के कारण यात्रियों को अक्सर लाइन पार कर एक से दूसरे प्लेटफार्म तक जाना पड़ता है। कई बार तो यात्री रेल लाइन पर खड़ी मालगाड़ी के नीचे तक से होकर गुजर जाते हैं। व्यापारी स्टेशन पर ओवरब्रिज की मांग लंबे अर्से से कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि अगर ओवरब्रिज होता तो शायद दोनों की जान नहीं जाती।