बदमाशों ने क्राइम ब्रांच का बनकर पहले इज्जतनगर इलाके में रहने वाले एक दुकानदार का मोबाइल बंद कराया। फिर दुकानदार के घर पहुंच गए और उसकी पत्नी से कहा कि उसके पति का एक्सीडेंट हो गया है। घबराई पत्नी को अस्पताल ले जाने के बहाने अपने साथ ले गए फिर गैंगरेप के बाद उसकेजेवर भी लूट ले गए थे। पुलिस ने इस सनसनीखेज घटना का खुलासा कर सात बदमाशों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस के दौरान एएसपी आकाश तोमर ने बताया कि 17 अगस्त इज्जतनगर इलाके के परतापुर चौधरी निवासी एक दुकानदार के पास फोन पहुंचा। फोन करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताया। कहा कि तुम्हारा मोबाइल सर्विलांस पर लगा है इसलिए आधा घंटे के लिए अपना फोन बंद कर दो। क्राइम ब्रांच का नाम सुनकर दुकानदार ने अपना मोबाइल बंद कर दिया था। तभी गैंग के दो बदमाशों ने घर जाकर दुकानदार का एक्सीडेंट होने की सूचना दी और उसकी पत्नी को साथ चलने को कहा। इस पर दुकानदार की पत्नी उनके साथ स्कूटी पर बैठकर चल दी। रास्ते में दो बदमाश और मिल गए। सुनसान इलाके में ले जाते देख महिला ने विरोध किया तो साथ में मौजूद उसके मासूम बेटे को जान से मारने की धमकी दी गई। वे दुकानदार की पत्नी को फनसिटी के पीछे ले गए और चार बदमाशों ने उसके साथ दुष्कर्म किया। फिर उसके सोने-चांदी के जेवर लूटे और भाग गए। वहां से लौटने के बाद महिला रिपोर्ट लिखाने इज्जतनगर थाने गई। वहां तहरीर देते समय शर्म की वजह से महिला ने सिर्फ लूट की सूचना दी। इज्जतनगर इंस्पेक्टर आरजी शर्मा ने बताया कि शुरू में घटना फर्जी लग रही थी, लेकिन फिर भी मुकदमा दर्ज कर लिया गया। छानबीन करने पर जीतू गैंग का नाम सामने आया और यह भी खुलासा हुआ कि मामला गैंगरेप का है। बृहस्पतिवार रात की एसआई रविंद्र सिंह ने टीम की मदद से खंडेलवाल नगर तिराहे के पास छह बदमाश दबोच लिए। इनमें संजयनगर निवासी जीतू उर्फ श्यामसुंदर, उसका भाई गुड्डू उर्फ ब्रिटेनिया, वहीं का सुमित, रामगंगा विहार कालोनी का राजबहादुर, फरीदपुर के परा मोहल्ले का सोनू उर्फ पतरिया और पुराना शहर गुसाईं गौंटिया का पिंकू हैं। इनमें जीतू, गुड्डू व पिंकू मुंशीनगर में किराए पर रहते हैं। उनके पास एक तमंचा, चाकू, स्कूटी नंबर यूपी 25 बीआर-2623 और लूट के जेवर बरामद हुए। सातवें बदमाश इज्जतनगर इलाके के परतापुर निवासी जफर उर्फ रमन कालिया को प्रेमनगर पुलिस ने गिरफ्तार किया है।
अपने ही बुने जाल में फंसे बदमाश
इंस्पेक्टर आरजी शर्मा के मुताबिक दुकानदार को फोन करने वाले ने खुद को क्राइम ब्रांच का बताया था। उन्होंने सर्विलांस के जरिए उस नंबर का पता लगाया तो संजयनगर के जीतू का निकला। बारादरी पुलिस के रिकार्ड में जीतू शातिर अपराधी है। उसके पकड़े जाने पर गैंग के बाकी सदस्यों का पता चल गया।
जफर ने बनाई थी योजना
परतापुर निवासी जफर उर्फ रमन कालिया ने पूरी योजना बनाई थी। उसी ने दुकानदार को फोन नंबर जीतू को दिया था। जीतू के कहने पर उसके छोटे भाई गुड्डू ने दुकानदार और उसके घर की रेकी की थी। रेकी के दौरान उसे महिला अपने दरवाजे पर खड़ी मिल गई थी। उसकी नीयत डोल गई और लूटपाट के दौरान गैंगरेप भी कर डाला। जफर पशु तस्कर भी है। उसे प्रेमनगर पुलिस ने मांस तस्करी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
न्यायिक कर्मी का बेटा है सुमित
सुमित के पिता न्यायिक विभाग में कर्मचारी हैं। इससे पहले सुमित जब भी पकड़ा गया, पिता की सिफारिश पर छूट गया। उसे छोड़ने के लिए इज्जतनगर इंस्पेक्टर के पास भी फोन पहुंचा था, लेकिन उन्होंने सुमित को नहीं छोड़ा।
बदमाशों पर लगेगी गैंगस्टर
एसएसपी आरके भारद्वाज ने बताया कि पकड़े गए बदमाश कई वारदातों में शामिल रहे हैं। जीतू, गुड्डू सोनू के खिलाफ कई मुकदमे दर्ज हैं। इससे वे अपना घर छोड़कर बन्नूबाल नगर में किराए पर रहते थे। सभी बदमाशों के खिलाफ गैंगस्टर की कार्रवाई की जाएगी।