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बुजुर्ग पूर्व प्रधान और पत्नी को जहर देकर मारा 

Thu, 11 May 2017 01:16 AM IST
बरेली।  
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The elderly killed the former head and wife poisoned - फोटो : बरेली, अमर उजाला
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गांव बीजामऊ में घर में सो रहे बुजुर्ग पूर्व प्रधान और उनकी पत्नी को जहर देकर मार दिया गया। शव के हाथ पैर बांधकर हत्यारों ने मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और घर के अंदर रखी अलमारी का सामान बिखेर कर लूट के लिए हत्या दिखाने की कोशिश की गई। देर शाम पोस्टमार्टम रिपोर्ट में जहर के लक्षण मिलने के बाद सच्चाई सामने आ गई। पुलिस सनसनीखेज वारदात में नजदीकी व्यक्ति की संलिप्तता मानते हुए जांच कर रही है। परिवार के 15 से 20 मोबाइल नंबरों को सर्विलांस पर लगा दिया गया है। 
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पूर्व प्रधान सुंदर लाल (86) पुत्र चाउलाल के बेटे राजवीर के मुताबिक, मंगलवार रात उनके मृतक भाई धर्मवीर की पत्नी बबिता उनके मां-पिता को खाना खिलाने के बाद घर वापस गई थी। राजवीर परिवार के साथ गांव के बाहर घर बनवाकर रहते हैं। सुबह उनका बेटा उदय दादा-दादी के लिए चाय लेकर गया था। वहां सुंदर लाल और उनकी पत्नी तोला देवी (82) के शव बरामदे में चारपाई पर पड़े थे। शव के हाथ और पैर बंधे हुए थे और मुंह में कपड़ा ठूंसा हुआ था। उदय चीखते हुए घर की तरफ भागा। राजवीर गांव के लोगों के साथ घर पहुंचा। घर के अंदर भी आलमारी का सामान बिखरा हुआ था। उन्होंने सूचना हाफिजगंज थाने पर दी। 

बबिता दो दिन पहले आई थी गांव 
सुंदरलाल के चार बेटों में सिर्फ राजवीर गांव के बाहर मकान बनाकर रहते हैं। बड़े बेटे धर्मवीर की बीमारी से मौत हो चुकी है। जबकि महावीर और भारतवीर दिल्ली में रेडिमेड कपड़ों का काम करते हैं। आठ दिन पहले महावीर गांव आया था। उसने सुंदरलाल को दस हजार रुपये दिए थे, जिसमें पांच हजार खर्च हुए थे। बाकी पांच हजार गायब बताए जा रहे हैं। धर्मवीर की पत्नी बबिता दो दिन पहले दिल्ली से गांव आई थी। उसने शाम को खाना बनाकर सास और ससुर को खिलाया था। रात में जेठ राजवीर के घर सोने चली गई थी। 
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पोस्टमार्टम का परिवार ने किया था विरोध 
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजना चाहा तो परिवार के लोगों ने विरोध शुरू कर दिया। उनका तर्क था कि गांव में राजस्थान की साध जाति के लोग रहते हैं। पूर्व प्रधान का परिवार भी साध जाति का है। मांस मछली नहीं खाने की वजह से लोगों ने विरोध किया। पुलिस ने दबाव बनाकर शव का पोस्टमार्टम करवाया। 

अलमारी से 12 फिंगर प्रिंट मिले 
फील्ड यूनिट और डॉग स्क्वाड ने साक्ष्य इकट्ठे किए। आलमारी से करीब 12 फिंगर प्रिंट लिए गए हैं। डॉग स्क्वाड घर से निकलने के बाद एक सेलर चक्की वाले की दुकान में घुसा था। पुलिस उससे भी पूछताछ कर रही है। कातिलों तक पहुंचने के लिए पुलिस लूटपाट गिरोह के बदमाशों की लोकेशन भी ले रही है। 

हत्याकांड के पीछे संपत्ति की रंजिश और लूट दोनों दिशाओं में पुलिस जांच कर रही है। बुजुर्ग दंपति के पास जेवरात और नगदी नहीं थे। ऐसे में लूट वजह होने की आशंका कम है। कई अहम बातें सामने आई हैं। जल्द मामले के खुलासे के निर्देश दिए गए हैं।  - आशुतोष कुमार, डीआईजी
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