डॉक्टरों का पैनल गठित न हो पाने पर शनिवार शाम से लेकर रविवार दोपहर तक पोस्टमार्टम हाउस पर बहेड़ी के आजम का शव रखा रहा। इसको लेकर कांग्रेसियों ने पोस्टमार्टम हाउस पहुंचकर हंगामा किया। बहेड़ी के गांव सकरस निवासी कांग्रेस नेत्री उरूज फातमा के बेटे आजम की छह महीने पहले संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। उसका शव गांव के बाहर पड़ा मिला था। फातमा का आरोप है कि गांव के ही पूर्व प्रधान अयूब खां, सारिक आदि ने चुनावी रंजिश में उसके बेटे की हत्या की है। आरोप है कि पोस्टमार्टम और रिपोर्ट लिखना तो दूर उस समय पुलिस मौके तक पर नहीं पहुंची थी। इसलिए उसने बेटे के जनाजे को कब्रिस्तान में दफन करा दिया था। अभी हाल में ही पुलिस ने अदालत के आदेश पर रिपोर्ट लिखी तो कार्रवाई शुरू हुई और शनिवार को पोस्टमार्टम के लिए आजम का शव कब्र से निकाला गया। शनिवार शाम शव पोस्टमार्टम हाउस पहुंचाया गया, लेकिन डॉक्टरों का पैनल न बनने के कारण पोस्टमार्टम नहीं हो सका। रविवार दोपहर तक शव पोस्टमार्टम हाउस पर ही रखा रहा और परिवार वाले और जिला और महानगर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारी पोस्टमार्टम हाउस के बाहर डॉक्टरों का इंतजार करते रहे, लेकिन 12 बजे तक कोई डॉक्टर नहीं पहुंचा तो सभी लोग डीएम आवास पहुंच गए। यहां हंगामा करते हुए कांग्रेसियों ने पोस्टमार्टम की वीडियोग्राफी कराने की मांग भी की, जिसे मंजूर कर लिया गया। इसके बाद कांग्रेसियाें ने जिला अस्पताल पहुंचकर हंगामा किया। डॉक्टराें का पैनल गठित न होने पर नाराजगी जताई। सीएमओ और सीएमएस को भी फोन किया गया, लेकिन नहीं उठा तो इमरजेंसी डॉक्टर ने स्थिति संभाली और पोस्टमार्टम के लिए कागज भेजे। जिलाध्यक्ष रामदेव पांडेय, चौधरी असलम मियां, बीना शर्मा, नरेंद्र मोहन, जकीर खान, रविंद्र मिश्रा ने लापरवाही पर गहरा विरोध जताया।