The Commissioner will address the SDM was incorrect or SP leader
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मुख्यमंत्री के निर्देश पर निलंबित की गईं एसडीएम मीरगंज अर्चना द्विवेदी के मामले की जांच कमिश्नर प्रमांशु कुमार करेंगे। उन्हें यह जांच करनी है कि राशन की दुकानों के लंबित प्रकरण निस्तारण में उनके स्तर से गड़बड़ी की गई या फिर सपा नेता की ओर से लगाए गए आरोप गलत थे। जांच पूरी होने तक उन्हें राजस्व परिषद लखनऊ से संबद्ध किया गया है।
शीशगढ़ नगर पंचायत अध्यक्ष और सपा से पूर्व घोषित प्रत्याशी हाजी गुड्डू ने मुख्यमंत्री से एसडीएम मीरगंज पर राशन की दुकानों में खेल का आरोप लगाते हुए कार्रवाई की मांग की थी। इन आरोपों के आधार पर मुख्यमंत्री ने डीएम से रिपोर्ट मंगाई और एसडीएम को निलंबित करने के आदेश कर दिए थे। एसडीएम के निलंबन को लेकर सपा के अंदर सियासत गरम हो गई है। मुख्यमंत्री के नजदीकी कहे जाने वाले शीशगढ़ नगर पंचायत के अध्यक्ष हाजी गुड्डू खुलकर कह रहे हैं कि मुख्यमंत्री से शिकायत करके एसडीएम को निलंबित करा दिया है। जबकि संगठन के अन्य नेता एसडीएम के निलंबन को गलत बता रहे हैं। उनका आरोप है कि नगर पंचायत अध्यक्ष कोटेबाजी के खेल में शामिल थे। एसडीएम उनके इस खेल में बाधक बनी हुईं थीं।
इतना ही नहीं जिले के पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारी एसडीएम के निलंबन को अच्छा नहीं मान रहे हैं। अंदर ही अंदर गुबार फूट रहा है। बताते हैं कि इस बारे में पीसीएस एसोसिएशन के अध्यक्ष के समक्ष आपत्ति दर्ज करा दी गई है। जिसमें राजनीतिक कारणों से एसडीएम को निलंबन किए जाने का उल्लेख किया गया है। तर्क यह है कि राशन की चंद दुकानों को लेकर निलंबन गलत है। जबकि राशन के खेल में सपा के नेता ही आमने सामने है। अब यह देखना है कि इस प्रकरण की जांच कमिश्नर के स्तर से कितनी निष्पक्ष होगी। इस जांच के लिए फिलहाल एसडीएम को आरोपपत्र के आधार पर अपना जवाब देना होगा। उसी के बाद कमिश्नर शासन को रिपोर्ट भजेंगेे।
मुख्यमंत्री ने एसडीएम को राशन में गड़बड़ी पर निलंबित किया है। ऐसे में डीएम को मीरगंज में नए अधिकारी की तैनाती करनी चाहिए थी। लेकिन उनके स्तर से नए अधिकारी की तैनाती नहीं की गई है। इस कारण वहां के काम प्रभावित हो रहे हैं।
- हाजी गुड्डू, अध्यक्ष नगर पंचायत शीशगढ़
राशन में गड़बड़ी के आरोप बेबुनियाद है। मैंने तो रिक्त दुकानों के लिए पंचायतों में खुली बैठक कराई है। आरोप पत्र के आधार पर शुक्रवार तक कमिश्नर को जवाब दे दूंगी। जांच अधिकारी पर पूरा विश्वास है कि वह निष्पक्ष जांचकर मुझे न्याय दिलाएंगे।
अर्चना द्विवेदी, पीसीएस अधिकारी