नशे में धुत एंबुलेंस के ड्राइवर की लापरवाही होली के ठीक एक दिन पहले दो परिवारों के लिए जान पर बन आई। गर्भवती महिला को लेकर आ रही यह एंबुलेंस टैक्टर से टकराने के बाद खाई में पलट गई। हादसे में महिला समेत छह लोग घायल हो गए। मौके पर चीख पुकार मची तो लोगों का जमावड़ा लग गया। घायलों को तुरंत जिला अस्पताल भेजा गया। बीसलपुर (पीलीभीत) के वैधखेड़ा गांव के विजेंद्र पाल ने अपनी गर्भवती पत्नी मंजू को पीलीभीत के स्वास्तिक अस्पताल में भर्ती करवाया था। डॉक्टरों ने उसे बरेली के लिए रेफर कर दिया था। इसी अस्पताल की एंबुलेंस से विजेंद्र उसे बरेली ला रहा था। साथ में उसकी मां ज्वाला देवी, पिता ऋषिपाल, मंजू की मां मुन्नी देवी, दोस्त प्रमोद निवासी चाटड़ागूर बल्देवपुर, पीलीभीत और प्रमोद मां शांति देवी भी थीं। राजश्री स्कूल के पास सामने से आ रहे टैक्टर से भिड़कर एंबुलेंस खाई में जा गिरी। हादसे के बाद चीख पुकार मच गई। पुलिस और लोगों ने घायलों को बाहर निकाला। घायलों ने बताया कि पीलीभीत से ही ड्राइवर का गाड़ी पर नियंत्रण नहीं था। कई बार उसे टोका भी गया मगर वह उलटा जवाब देते रहा। चौकी इंचार्ज जेपी यादव बताया कि एंबुलेंस का ड्राइवर सुनगढ़ी निवासी संजय शराब पीकर गाड़ी चला रहा था। उसे हिरासत में लिया गया है। हालांकि पुलिस ने अब तक उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।
मदद के बहाने पर्स ले उड़ा
घायलों की मदद के लिए कई लोग जुटे थे। उन्हें 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा जा रहा था। इसी दौरान किसी ने घायल प्रमोद की जेब में रखा पर्स उड़ा लिया। उसमें पांच सौ रुपये और महत्वपूर्ण कागज रखे थे। उसने चिल्लाकर अपनी बात कही तो पुलिस ने कई लोगों से पूछताछ की मगर पर्स का पता नहीं चल पाया।