फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने पूर्व महिला प्रधान से 50 हजार रुपये लूटने समेत दो अन्य वारदात करने वाले दो बदमाशों को गिरफ्तार क र झपट्टा मार गैंग का खुलासा किया है। हालांकि दो लुटेरे चमका देकर फरार हो गए। गैंग का मास्टर माइंड गवर्नर पुलिस की पकड़ से बाहर है। पुलिस ने आरोपियों के पास से बीस हजार रुपये की नकदी भी बरामद की है।
एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि एसओ अजय यादव अपनी टीम के साथ सुबह हाइवे पर निकले थे। बरेली की ओर से बिना नंबर प्लेट की काली हीरो मोटर साइकिल पर सवार दो युवक आए तो पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। एक ने अपना नाम सलमान उर्फ भूरे निवासी पदारथपुर (फरीदपुर) और दूसरे ने सुधीर निवासी नवदिया कल्याणपुर (फरीदपुर) बताया। पुलिस को सलमान से 9 हजार रुपये, एक तमंचा और मोबाइल, सुधीर से 11 हजार रुपये और एक मोबाइल बरामद किया। विक्रमपुर नगरिया गांव का शातिर लुटेरा बादशाह और इस गैंग का मुमताज निवासी ग्राम पदारथपुर, थाना फरीदपुर भाग गया। पूछताछ में पता चला कि इस झपट्टा मार बाइकर्स गैंग का सरगना सलमान का भाई गवर्नर है। इसी गैंग ने नौ सितंबर को कुठला गांव की पूर्व प्रधान रामबेटी से पचास हजार रुपये से भरा थैला छीन लिया था। इन्हीं लुटेरों ने चार दिन पहले टिसुआ स्टेशन मास्टर चिरंजन सिंह को सरेआम लूटा था।
मास्टर को लूटने की योजना थी
झपट्टा मार गैंग के लुटेरे सलमान के मोबाइल से पुलिस को ऑडियो मिला है। उसमें सलमान की एक मास्टर को लूटने की प्लानिंग पर बात हो रही है। बातचीत में कहा गया है कि फतेहगंज पूर्वी में टिसुआ के पास बैंक ऑफ बड़ौदा में मास्टर रुपये निकालने आता है। इस काम को करना है। मास्टर का नाम क्या है, इसका ओडियो में जिक्र नहीं है।
शातिर अपराधी है सलमान
सलमान का नाम पशु तस्करी से भी जुड़ा है। मुठभेड़ के दौरान फरीदपुर के दरोगा मनोज मिश्रा की गोली मारकर हत्या करने में भी सलमान का नाम आया था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार करके जेल भेज दिया था। करीब छह महीने पहले से सलमान जमानत पर छूटने के बाद से आपराधिक वारदात कर रहा है। सलमान के खिलाफ फरीदपुर थाने में ही नौ मामले दर्ज हैं। जबकि सुधीर के खिलाफ दो मुकदमे दर्ज हैं।