एटा के थाना मारहरा में तैनात दरोगा सत्यवीर सिंह त्यागी ने सोमवार को बारादरी थाने के अपने सरकारी क्वार्टर में रिवाल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। एक डायरी में लिखे सुसाइड नोट में दरोगा ने खुदकुशी के पीछे थाना बारादरी में बतौर हेड मोहर्रिर अपनी तैनाती के दौरान मालखाने से लाखों की नगदी के गायब होने का जिक्र किया है और इस गड़बड़ी के लिए होमगार्ड वेदप्रकाश को जिम्मेदार ठहराया है।
एसएसपी ने होमगार्ड के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने के निर्देश के साथ एसपी सिटी की अगुवाई में पूरे मामले की जांच के लिए टीम गठित की है। आरोपी होमगार्ड वेदप्रकाश दो महीने पहले से ऑटो लिफ्टर गैंग चलाने के आरोप में जेल में है।
अमरोहा के आदमपुर में जेपीनगर कॉलोनी के मूल निवासी सत्यवीर सिंह मई 2017 में प्रोन्नत होकर हेड मोहर्रिर से दरोगा बने थे। बतौर हेड मोहर्रिर वह इस दौरान थाना बारादरी में तैनात थे। यहीं से अगस्त में उन्हें पीटीसी मुरादाबाद में ट्रेनिंग को भेजा गया। ट्रेनिंग पूरी होने के बाद उन्हें एटा के थाना मारहरा में तैनाती दी गई थी। थाना बारादरी के मालखाने का चार्ज हैंडओवर करने के लिए वह अप्रैल में मारहरा थाने से रवानगी लेकर थाना बारादरी आ गए थे। इसके बाद वह मूल तैनाती पर वापस नहीं गए थे।