बरेली/नई दिल्ली। आंवला की किशोरी ने ईद के मौके पर कपड़े नहीं दिलवाने पर दिल्ली के जामिया नगर में फांसी लगाकर खुदकुशी कर ली। इसके बाद किशोरी के रिश्तेदार उसका शव यमुना में फेंकने जा रहे थे, तभी पुलिस पहुंच गई और एक व्यक्ति को मौके से पकड़ लिया।
आंवला की कुएं वाली कोठी निवासी किशोरी श्रीदेवी की बड़ी बहन सीता दिल्ली के जामिया नगर में बन रही बिल्डिंग में काम करती है। वहां उसका जीजा दान सिंह और उसका भाई शंकर भी रहता है। यह लोग ठेकेदार राशिद की बिल्डिंग बनाने का काम कर रहे हैं। कुछ दिन पहले श्रीदेवी सीता के पास गई थी। ईद पर लोगों को नए कपड़े पहनते देख श्रीदेवी भी अपनी बहन और जीजा से नए कपड़े दिलाने की जिद करने लगी। सीता ने त्योहार अपना न होने की बात कहकर नए कपड़े दिलाने से मना कर दिया। इस बात से नाराज होकर श्रीदेवी ने ईद वाली रात बृहस्पतिवार को निर्माणाधीन बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर फांसी लगा ली। दान सिंह ने ये बात बिल्डर राशिद को बताई तो उसने शव को बिल्डिंग से हटाने के लिए कहा। इन लोगों ने दिनभर श्रीदेवी के शव को बिल्डिंग में रखा। शुक्रवार रात उन्होंने शव को बोरे में डाला और रात डेढ़ बजे तीन-चार लोग शव को फेंकने यमुना में ले गए। जब ये शव को यमुना में डाल रहे तो वहां खड़े तीन-चार युवकों ने देख लिया और इसकी सूचना पुलिस को दे दी। पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को यमुना में डालने आए बाकी लोग तो भाग गए मगर पुलिस ने शंकर को पकड़ लिया। दिल्ली पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी किसी के खिलाफ मामला दर्ज नहीं किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
चैनल बदलने के झगड़े में दी थी किशोरी ने जान
बरेली। अभी हाल में ही फरीदपुर में एक किशोरी ने सिर्फ इस वजह से आग लगाकर जान दे दी थी कि उसके भाई ने चैनल बदल दिया। इसको लेकर भाई बहनों में झगड़ा हुआ था और लड़की ने मिट्टी का तेल छिड़ककर आग लगा ली थी।