दिल्ली से लौट रही सुल्तानपुर डिपो की एक रोडवेज बस यहां पीलीभीत बाईपास रोड से गुजरते समय बर्निंग बस बनने से बच गई। चलती रोडवेज बस में अचानक धुआं और चिंगारी निकलने से यात्रियों में भगदड़ मच गई। इस दौरान धक्का-मुक्की होने से कई यात्रियों को चोटें भी आईं हैं। हादसे की वजह पीलीभीत बाईपास पर हुए गड्ढे बताए जा रहे हैं।
यह हादसा रविवार की रात साढ़े नौ बजे हुआ। सुल्तानपुर डिपो की रोडवेज बस संख्या यूपी 42 एटी 5432 दिल्ली से सवारियां लेकर लौट रही थी। कांवड़ियों की वजह से शहर में बड़े वाहनों की नो एंट्री है। इससे बस बड़ा बाईपास और पीलीभीत बाईपास होकर सैटेलाइट जा रही थी। यह बस पवन बिहार कॉलोनी के आगे वुडरो स्कूल के आगे पहुंची होगी। तभी अचानक बस में चिंगारियां निकलीं और धुआं निकलते देखा गया। धुआं देख ड्राइवर राधेश्याम शर्मा ने तेज ब्रेक लगाकर बस रोक दी और यात्रियों से तुरंत नीचे उतरने को कहा। फिर तो बस में सवार लोग आग लगने की कहकर सीटों से उठकर भागने लगे। यात्रियों के मुताबिक बस में ऐसी भगदड़ मची कि हर कोई एक-दूसरे को धक्का देकर पहले उतरने की कोशिश में था। इस भगदड़ में यात्री महिपाल समेत कई जख्मी हो गए। बस से नीचे उतरने के बाद काफी देर तक यात्री दहशत में रहे। ड्राइवर राधेश्याम और अरविंद सिंह के मुताबिक उन्होंने नीचे उतरकर देखा तो धुआं बस की बैट्रियों से निकल रहा था। बस चला रहे ड्राइवर राधेश्याम ने बताया कि बस का पहिया अचानक गहरे गड्ढे में चला गया। तेज झटका लगने पर एक बैट्री का टर्मिनल अलग हो गया, जिससे शार्ट सर्किट हो गया और बस बंद हो गई। कुछ देर बाद यात्रियों की मदद से बस को बीच रोड से हटाकर किनारे किया गया।
बस में भगदड़ मची देख आसपास के लोग घबराए
इस हादसे के प्रत्यक्षदर्शी पार्षद पति रजनीश यादव उर्फ राजू ने बताया कि रोडवेज बस अचानक बीच रोड पर खड़ी हो गई। उसमें सवार यात्री गिरते पड़ते नीचे उतर रहे थे। एक बार को लगा कि बस में हमला तो नहीं हो गया। शुक्र यह रही कि यात्रियों में भगदड़ के दौरान पीछे से कोई बड़ा वाहन नहीं आया। वरना बड़ा हादसा हो सकता था।