बरेली। सौतन की हत्या में उम्रकैद होने के बाद तीस साल से फरार चल रही हंसिया का पुलिस अब तक सुराग नहीं लगा पाई है। बीसलपुर में उसकी बेटी की शादी हुई थी, वहां भी पुलिस नहीं गई है। पुलिस की टीम अब हंसिया को तलाश करने के लिए दिल्ली जाएगी। वहां हंसिया की दूसरी बेटी रहती है। थाना बारादरी के मोहल्ला कालीबाड़ी में रहने के दौरान 35 साल पहले वर्ष 1981 में हंसिया और उसके पति रामगोपाल उसकी सौतन जशोदा देवी की हत्या के आरोप में जेल गए थे। निचली अदालत से उम्रकैद होने के बाद हंसिया और उनके पति ने हाईकोर्ट में 1983 में अपील कर दी। इसके बाद हंसिया और उसके पति को जमानत मिल गई। जमानत मिलने के बाद से पति-पत्नी किसी तारीख पर गए ही नहीं। हंसिया तो अभी जिंदा बताई जा रही है, लेकिन उसके पति की मौत हो चुकी है। हाईकोर्ट तारीख पर न पहुंचने को लेकर गंभीर है। कालीबाड़ी में भी हंसिया का पता नहीं लग पा रहा है। पुलिस को पता लगा कि हंसिया की एक बेटी की शादी बीसलपुर के गांव में हुई है। दूसरी बेटी दिल्ली में रहती है। प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन ने बताया कि दोनों बेटियों के घर जाकर हंसिया का पता लगाया जा रहा है।