आर्थिक तंगी को लेकर परेशान एक व्यक्ति ने शराब के नशे में अपनी दूसरी पत्नी को चाकू से गोद दिया। घटना को अंजाम देने के बाद वह खुद थाने पहुंच गया। गंभीर रूप से घायल महिला ने देर रात जिला अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया।
कस्बा के बिलासपुर बस अड्डा निवासी अखलाक उर्फ गुड्डू की दो बीवियां आशमा और तरन्नुम हैं। वह इनके साथ रहता है। पहली पत्नी आशमा कस्बा की है। उसके छह बच्चे हैं। अखलाख का दो साल पहले जिला रामपुर के थाना खजुरिया के गांव मंसूरपुर निवासी सिकन्दर की बेटी तरन्नुम से प्रेम हो गया। उसने उससे कोर्ट मैरिज कर ली थी। दो बीवियां हो जाने के कारण अखलाख उनका खर्च नहीं उठा पा रहा था। दोनों की जरूरतें पूरी नहीं हो पाने के कारण घर में कलह होने लगी। उसका आए दिन दूसरी पत्नी से झगड़ा होता रहता था। गुड्डू को शक हो गया था कि पत्नी तरन्नुम उसे मरवाना चाहती हैै। इसी बात को लेकर उसका रविवार को दोपहर घर में उससे काफी विवाद हुआ। गुड्डू ने तरन्नुम को रास्ते से हटाने का मन बना लिया। रविवार की रात वह कस्बे के ही चाचा मुश्ताक अहमद के घर की छत पर बैठ गया। यहां उसकी तरन्नुम से फिर कहासुनी होने लगी। नशे में धुत अखलाख ने तरन्नुम पर चाकू से अचानक हमला कर दिया। उसने संभल कर भागने की कोशिश की, लेकिन तब तक उसने उस पर कई वार कर दिए। पति के चाकू से गोदने पर लहूलुहान तरन्नुम की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग वहां पहुंच गए। उधर, घटना के बाद अखलाक उर्फ गुड्डू खुद ही थाने पहुंच गया। उसने पुलिस को बताया कि पत्नी को चाकू मारकर आया है। खून से सने हाथ दिखाने पर पुलिस को उसकी बात पर यकीन हो गया। आननफानन में पुलिस मौके पर पहुंचकर और गंभीर रूम से घायल तरन्नुम को जिला अस्पताल पहुंचाया। यहां इलाज के दौरान देर रात को उसने दम तोड़ दिया। एसओ हरीश राजपूत ने बताया कि आरोपी के खिलाफ मुकदमा लिखकर कार्रवाई की जा रही है।
टायर चोरी में जेल गया था गुड्डू
अखलाक उर्फ गुड्डू आपराधिक प्रवृति का है। वह टायर चोरी के मामले में चार माह पहले ही जेल से छूटकर घर आया था। इस कारण पूरा घर आर्थिक तंगी का शिकार है। दो पत्नियों के खर्च को रुपये न होने से उसके यहां रोजाना कलह होती थी।