घर से मंदिर गई एक वृद्ध महिला की लाश स्टेडियम के सामने साईं अस्पताल के करीब एक बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर पड़ी मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद घरवालों को सौंप दिया। महिला की मौत नशीली गोलियों की ओवरडोज लेने से होना बताया जा रहा है। थाना बारादरी के संजयनगर निवासी गजेंद्र सिंह पटेल की स्टेडियम रोड पर साईं अस्पताल के पास दुकानें है। दुकानों के पीछे उन्होंने कमरे बनाकर किराए पर दे रखे हैं। भवन के दो गेट हैं। एक गेट सड़क की तरफ से है और दूसरा भवन के पीछे वाले रास्ते पर खुलता है। शनिवार की रात को बिजली गई तो किराएदार तीसरी मंजिल की छत पर सोने चले गए। निजी कॉलेज से बीटेक करने वाला बिहार का युवक प्रवीण पांडेय भी गजेंद्र सिंह का किराएदार है। वह रात साढ़े दस बजे खाना खाने के बाद छत पर सोने गया तो खर्राटों की आवाज सुनाई दी। अंधेरा था उसने सोचा किसी किराएदार का मेहमान होगा। वह जाकर दूसरे किराएदार पपोला जी के पास सो गया। रविवार को सुबह करीब साढ़े पांच बजे प्रवीण की आंख खुली तो अनजान महिला को सोते देख उसने किराएदारों से जानकारी करनी शुरू कर दी। चादर पर पड़ी महिला के सिर के नीचे तकिया लगा था। उसके पास में इंसुलिन के इंजेक्शन, दो दीपक, नशे की 15 गोलियों का खाली स्ट्रिप और शीरप की शीशी आदि सामान पड़ा था। मुंह से झाग निकल रहा था। किराएदारों ने घबराकर गजेंद्र सिंह को बुला लिया। थोड़ी ही देर में एएसपी आकाश तोमर और इंस्पेक्टर कमरुल हसन मौके पर पहुंच गए। उन्होंने छानबीन करके महिला के शव को पोस्टमार्टम को भिजवा दिया। इसी बीच पुलिस को मालूम हुआ कि राजेंद्र नगर निवासी किरन दुग्गल (56) पत्नी स्वर्गीय बलदेव राज दुग्गल शनिवार की शाम से लापता हैं। वह शनि देव के मंदिर जाने के लिए घर से निकली थीं। पुलिस ने उनके परिवार वालों को सूचना देकर बुलाया तो बेटे ने शव को अपनी मां के तौर पर पहचान लिया।
किरन दुग्गल मानसिक रूप से परेशान थीं। 11 माह पहले उनके छोटे बेटे विकास की मौत हो गई। मंझले बेटे अरुण की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है। अब परिवार बडे़ बेटे नितेश के भरोसे ही चल रहा है। विकास की पत्नी से भी किरन की नहीं बनती थी।
-कमरुल हसन, प्रभारी निरीक्षक
तेरह साल पहले पति फिर बडे़ बेटे की पत्नी और 11 माह पहले छोटे बेटे विकास की मौत के बाद किरन बुरी तरह टूट गई थीं। इसके अलावा वे डायबिटीज से पीड़ित थी। इस कारण डिप्रेशन से उनकी आए दिन हालत खराब हो जाती थी। शनिवार की देर शाम वे अपनी मौत का इंतजाम कर मंदिर के बहाने घर से निकली थी।
राजेंद्र नगर की जिस दुग्गल परिवार से किरन का ताल्लुक है। उसका एक दौर में बड़ा नाम था। मिशन अस्पताल के सामने किरन के पति की दुग्गल क्राकरी के नाम से बड़ा शोरूम था। बाद में यह बिक गया। किरन के बड़ा बेटा नितेश और दूसरा बेटा विकास राजेंद्र नगर वाली घर की साज सज्जा की दुकान पर बैठते थे। नितेश की पत्नी दस साल पहले मर चुकी है। पति की मौत के बाद मोनिका नितेश की दुकान पर बैठने लगी। अब नितेश और मोनिका में दुकान को लेकर विवाद चल रहा है।
तीसरी मंजिल पर कैसे पहुंची
किरन चादर और तकिया लेकर किस रास्ते से गजेंद्र सिंह पटेल की बिल्डिंग की तीसरी मंजिल पर पहुंची। किसी ने उन्हें देखा क्यों नहीं। यह सवाल किराएदारों को भी परेशान करता रहा। जबकि किराएदारों का कहना था कि बिल्डिंग के दोनों ही गेट रात दस बजे के बाद ही बंद हो जाते हैं। देर रात को आने वाले चार किराएदारों के पास गेट की चाबी है।