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स्कूल में सजा मिलने के डर से छात्र ने जान दे दी

Mon, 08 Aug 2016 02:02 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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प्रेमनगर के हार्टमैन इलाके में बारहवीं के छात्र ने स्कूल से बंक  करने पर प्रिसिंपल का फोन घर आ जाने पर इतना तनाव में आ गया कि फांसी पर झूलकर जान दे दी। शनिवार को ऑटो रिक्शा से उतरकर वह फिनिक्स मॉल चला गया था। हालांकि परिवार वालों का कहना है कि छात्र को मिर्गी के दौरे पड़ते थे। हार्टमैन इलाके रहने वाला यह 17 साल का छात्र डीआरएम ऑफिस इज्जतनगर में तैनात महिला रेल कर्मी का इकलौता बेटा था। उसके पिता घर में ही साइबर कैफे चलाते हैं। रविवार को उसके माता पिता मार्केट गए थे। छात्र घर पर अकेला था। बताते हैं शनिवार को घर से स्कूल जाने को निकला छात्र ऑटो रिक्शा से उतरने के बाद फिनिक्स मॉल चला गया था। इसी बीच स्कूल से प्रिंसिपल का फोन उसके पिता के पास पहुंचा। प्रिंसिपल ने छात्र के पिता से उसके स्कूल न आने की वजह पूछी। इस पर उन्होंने कह दिया कि वह तो घर से स्कूल को निकला है। प्रिंसिपल ने सोमवार को छात्र के साथ पिता को आने को कह दिया। फिनिक्स मॉल में घूमने के बाद घर पहुंचा तो पिता ने प्रिंसिपल का फोन आने की बात उससे शेयर करके स्कूल बंक करने पर नाराजगी जताई। इसके बाद से छात्र बेहद तनाव में था। उसने डर था कि सोमवार को उसे स्कूल में सजा मिलनी तय है। इसी डर की वजह से उसने फांसी लगाकर जान दे दी। मां के दुपट्टे के सहारे उसका शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की सूचना पर समाजसेवा मंच के अध्यक्ष नदीम शमशी की टीम छात्र को उसके परिवार वालों की मदद से पास से निजी अस्पताल ले गए। वहां से उसे गंगाशील अस्पताल लाया गया। यहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। छात्र की मां के रोने बिलखने से पूरे मोहल्ले में मातम छाया है। परिवार वाले छात्र का पोस्टमार्टम कराने को तैयार नहीं है। इसलिए उन्होंने पुलिस को भी घटना की जानकारी नहीं दी है। उन्होंने घटना की वजह भी बीमारी बताई है।     
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