दो दिन पहले मालगाड़ी की छत पर चढ़कर हंगामा करने वाले सिरफिरे युवक ने उतारने की कोशिश कर रहे एक टैंपो चालक को लात मारकर नीचे गिरा दिया था। इससे उसके रीढ की हड्डी टूट गई, तब से चालक का इलाज चल रहा था लेकिन डाक्टरों ने ठीक होने से इंकार कर दिया तो परिजनों और अन्य टैंपों चालकों में गुस्सा भड़क उठा। वह एंबुलेंस में चालक को जंक्शन तक ले गए और जीआरपी, आरपीएफ को इसके लिए जिम्मेदार ठहराकर हंगामा करने लगे। सुबह साढ़े 11 बजे से शुरू हुआ हंगामा दोपहर डेढ़ बजे तक चला। इस दौरान परिजनों ने पटरियों पर खड़े होकर जंक्शन के प्लेटफार्म नंबर एक से रवाना हो रही त्रिवेणी एक्सप्रेस को 12 मिनट रोके रखा। आरपीएफ ने वहां से उनको हटाया तो जीआरपी और आरपीएफ थानों पर प्रदर्शन करते रहे। इसके बाद कलेक्ट्रेट पहुंच गए वहां भी परिजन धरने पर बैठ गए। एडीएम सिटी ने चालक के इलाज के लिए प्रशासन की ओर से खर्च वहन करने का आश्वासन दिया तो वहां से हटे। टैंपो चालक का रुहेलखंड मेडिकल मेडिकल हास्पिटल में इलाज चल रहा है, जहां हालत गंभीर बनी हुई है। रविवार को शाहजहांपुर से आई मालगाड़ी की छत पर बैठे संभल के सिरफिरे युवक निजामुद्दीन ने काफी हंगामा किया था। वह आत्महत्या करने की धमकी दे रहा था। उसको नीचे उतारने के लिए आरपीएफ और जीआरपी पुलिस के साथ कुछ टैंपो चालक भी पहुंचे थे। इन्हीं में सुभाषनगर निवासी अनिल कश्यप भी था। वह जंक्शन से टैंपो चलाता है। उसके परिजनों ने बताया कि अनिल ने युवक निजामुद्दीन को मालगाड़ी की छत से उतारने की कोशिश की थी तो उस सिरफिरे ने उसको लात मार दी, जिससे वह नीचे गिर गया था। रीढ की हड्डी में चोट लगने के बाद उसको इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। यहां अनिल की हालत और बिगड़ गई, जिसके बाद उसको दिल्ली रैफर कर दिया गया था लेकिन वहां भी भर्ती करने से इंकार कर दिया गया।
साढ़े चार घंटे चला हाईवोल्टेज हंगामा
बरेली। सुबह करीब साढ़े 11 बजे अनिल को एंबुलेंस से जंक्शन के मुख्य गेट पर लाया गया और उसके बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। उनका कहना था कि अनिल सिरफिरे युवक को मालगाड़ी से उतारने के लिए जीआरपी और आरपीएफ वालों के कहने पर गया था। इसके लिए दो पुलिस वाले स्टैंड से बुलाकर ले गए थे इसलिए उसकी इस हालत के लिए जीआरपी, आरपीएफ जिम्मेदार है। एंबुलेंस बाहर खड़ी रही और अनिल के परिजन प्लेटफार्म पर पहुंच गए। सुबह करीब 11.42 बजे अनिल की मां कौशल्या देवी और अन्य परिजन प्लेटफार्म नंबर के पास रेलवे ट्रैक पर बैठ गए। इस दौरान इलाहाबाद के लिए रवाना हो रही त्रिवेणी एक्सप्रेस को उन्होंने रुकवा लिया और प्रदर्शन करने लगे। आरपीएफ वालों ने 11.54 बजे बमुश्किल उनको समझाबुझाकर उठाया तो सारे लोग पहले आरपीएफ थाने पर फिर जीआरपी थाने पर प्रदर्शन करते रहे। इस दौरान पुलिस क्षेत्राधिकारी सिद्धार्थ वर्मा और कैंट तथा कोतवाली पुलिस भी पहुंच गई। आरएएफ और सीआरपीएफ भी बुला ली गई। थानों पर प्रदर्शन के दौरान अनिल की मां, कौशल्या, बहन रजनी और पत्नी सुमन जीआरपी और आरपीएफ इंस्पेक्टर से भिड़ गईं। उनको खूब खरी खोटी सुनाई। अनिल का 10 साल का एक बेटा अंकित है जो सेंट एंड्रज स्कूल में कक्षा तीन में पढ़ता है। प्रदर्शन के दौरान वह अपने पिता को फोटो थामे रोता-बिलखता रहा। एडीएम सिटी आलोक कुमार ने इलाज का सारा खर्चा प्रशासन की ओर से उठाने का आश्वासन देकर सायं करीब चार बजे रुहेलखंड मेडिकल कालेज भिजवा दिया।
आरपीएफ, जीआरपी के खिलाफ तहरीर
अनिल कश्यप की पत्नी सुमन की ओर से जीआरपी और आरपीएफ के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए थाना जीआरपी में तहरीर दी है। इसमें कहा गया है कि उनके पति को मालगाड़ी पर चढ़े युवक को उतारने के लिए दो सिपाही बुलाकर ले गए और उसको छत पर चढ़ा दिया। युवक ने उसको धक्का दे दिया। इससे चोट लग गई इसलिए इस घटना के लिए पूरी तरह से जीआरपी और आरपीएफ जिम्मेदार है। जीआरपी ने तहरीर ले ली है लेकिन उसको रिसीव करने से इंकार कर दिया। इंस्पेक्टर सुनील दत्त ने बताया कि जो उच्चाधिकारियों का आदेश होगा, उसका पालन करेंगे। उन्होंने अनिल के परिजनों के आरोप को गलत बताया। कहा कि युवक को उतारने के लिए अनिल को बुलाने की हमें कोई जरूरत ही नहीं थी। वहीं, आरपीएफ इंस्पेक्टर तेजप्रताप सिंह ने कहा कि अनिल खुद आ गया था, उसको बुलाया नहीं गया।
दिमागी रूप से कमजोर नहीं था छत पर चढ़ा युवक!
बरेली। मालगाड़ी की छत पर चढ़कर हंगामा करने वाला संभल का युवक निजामुद्दीन अनिल की गंभीर हालत का बड़ा जिम्मेदार है, जिसे विक्षिप्त माना जा रहा है लेकिन इस बीच मंगलवार को खुलासा हुआ कि वह दिमागी रूप से कमजोर नहीं है। आरपीएफ इंस्पेक्टर तेज प्रताप सिंह ने बताया कि गिरफ्तार करने के अगले दिन सोमवार को रेलवे कोर्ट में पेश करने के लिए युवक का मेडिकल चेकअप कराया गया था। डाक्टर ने कहा कि वह मानसिक रोगी नहीं है। वह पत्नी से अनबन और पारिवारिक कारणों से परेशान होकर मालगाड़ी पर चढ़ने जैसी हरकत कर बैठा था। रेलवे कोर्ट कोर्ट से उसको जमानत मिल चुकी है।