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बदमाशों ने ईजाद किया क्राइम का नया फंडा

Wed, 15 Jun 2016 01:42 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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दो शातिर दिमाग युवकों ने फिरौती का अनोखा तरीका ढूंढ निकाला। इंटरमीडिएट में फेल होने के बाद से कटरा चांद खा निवासी छात्र सुधांशु तिवारी लापता है। उसके घरवालों ने उसको ढूंढने के लिए पम्फलेट छपवाकर बांटा। बदमाशों ने उसी पम्फलेट से नंबर लेकर छात्र के भाई को फोन किया और खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए ढाई लाख रुपये फिरौती मांगने लगे। पुलिस ने नंबर को ट्रेस किया और दो को गिरफ्तार कर लिया है। 
थाना बारादरी के कटरा चांद खां निवासी आरटीओ कार्यालय के बाबू सुधीर तिवारी का भाई सुधांशु तिवारी 20 मई को इंटरमीडिएट में फेल होने के बाद से घर नहीं लौटा। जबकि हाईस्कूल में उसके अच्छे नंबर थे। सुधांशु के परिवार वालों ने पम्फलेट छपवाकर शहर के कई जगह लगवा दिए थे और चौराहों पर बांटा था। शनिवार को दोपहर करीब साढ़े तीन बजे सुधीर के मोबाइल पर फोन आया। फोन करने वाले ने खुद को अपहरणकर्ता बताते हुए कहा कि तुम्हारा भाई हमारे पास है.. उसे हमने इंजेक्शन देकर बेहोश कर रखा है। ढाई लाख रुपये का इंतजाम कर लो और सुधांशु को ले जाओ। सुधीर ने तत्काल पुलिस को सूचना दे दी। पुलिस ने नंबर सर्विलांस पर लगाकर वाच करना शुरू कर दिया। उसी दिन देर शाम को फिर साढ़े सात बजे सुधीर के मोबाइल पर फिरौती के लिए फोन आया। रविवार को सुबह दस बजे, देर रात आठ बजे और रात को साढ़े नौ बजे फिर फोन करके फिरौती की मांग की। सोमवार की सुबह फिर उसने फोन किया इस बीच पुलिस ने नंबर ट्रेस कर लिया था। लोकेशन के आधार पर मंगलवार को पुलिस ने पहले बीसलपुर(पीलीभीत) के ग्राम महावा निवासी वेदप्रकाश को घेरकर दबोचा लिया। उसकी निशानदेही पर बारादरी थाना क्षेत्र के सुरेश शर्मा नगर निवासी देवेंद्र कुमार पुत्र राजेंद्र सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। देवेंद्र खुद को पकड़े जाने के बाद पत्रकार बताने लगा। प्रभारी निरीक्षक कमरुल हसन ने बताया कि दोनों ही आरोपियों को जेल भेजा जा रहा है। यह भी जांच की जा रही है कि इस तरीके से उन्होंने कहीं और से फिरौती तो नहीं मांगी।
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देवेंद्र तो पुराना खिलाड़ी है
-खुद को मीडिया से जुड़ा होने का दावा करने वाला देवेंद्र सिंह तो पुराना खिलाड़ी है। उसके खिलाफ बिथरी चैनपुर थाने में लूट का मामला दर्ज हुआ है। वह पढ़ने वाले लड़कों को पत्रकार बनाने का सपना दिखाकर उनसे वसूली करता है। पशु तस्करों से वसूली करना उसका पुराना धंधा है। वेदप्रकाश उर्फ विवेक को बंधक बनाकर देवेंद्र ने उसके पिता से ही 40 हजार रुपये ले लिए थे। बाद में विवेक को अपने धंधे में शामिल करने के लिए वह उसके घर से बुलाकर लाया था।

सिडनी मंदिर में रह रहा है सुधांशु
पुलिस ने सुधांशु की गुमशुदगी दर्ज होने के बाद उसकी तलाश करने के लिए कई दोस्तों से पूछताछ की। इस दौरान बदायूं के विकास यादव नाम के दोस्त से पूछताछ में पुलिस को मालूम हुआ कि वह इंटर की परीक्षा में फेल होने पर घर जाने की बात कह रहा था। बाद में सिडनी से साईं बाबा मंदिर से उसका फोन भी आ गया। सुधीर ने विकास से मिलने नंबर पर फोन पर बात की तो उसके वहां होने की पुष्टि हो गई।

आईपीएल के सट्टे में बिगड़ गया 
पुलिस के मुताबिक हाईस्कूल में अच्छे नंबर पाने वाला सुधांशु आईपीएल के चक्कर में आकर बिगड़ गया था। उसके दोस्तों ने उसे खिलाड़ियों पर बाजी लगा सिखा दिया था। इसी के चलते उसके नंबर कम आए और वह घर से भाग गया था। 
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विशाल को बुलाया और मिल गया मुल्जिम
भाई की लाश भेजने की धमकी मिलने के बाद घबराए सुधीर तिवारी ने पुलिस से संपर्क साधा तो सर्विलांस से मद्द से उन्होंने विशाल नाम के लड़के को सेटेलाइट पर बुला लिया। उसे महिला की शिकायत आने पर फोन किया गया था। सेटेलाइट बस अड्डे पर आने के बाद विशाल को फिरौती मांगने वाला नंबर दिखाया तो उसने वेदप्रकाश का नाम बता दिया। वेदप्रकाश उसी के साथ आया था।   
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