पूर्व केंद्रीय गृह राज्यमंत्री स्वामी चिन्मयानंद पर बलात्कार केस की वापसी के मामले में स्थिति 15 मई को सुनवाई के बाद ही साफ हो सकेगी। इसबीच केस वापसी के मुद्दे पर रेप पीड़ित ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाए हैं।
पीड़ित का कहना है कि सरकार मुल्जिमों का साथ दे रही है। पीड़ित ने अदालत पर भरोसा जताते हुए सरकार के खिलाफ कोर्ट में अर्जी दाखिल कर आरोपी के खिलाफ गिरफ्तारी वारंट जारी करने की गुहार लगाई है। साथ ही पीड़िता ने राष्ट्रपति, सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश और हाईकोर्ट को पत्र लिखकर केस वापसी के सरकार के फैसले पर आपत्ति जताई है।
स्वामी चिन्मयानंद पर सात साल पहले उनकी एक शिष्या ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। 30 नवंबर 2011 को स्वामी के खिलाफ शाहजहांपुर कोतवाली में दुष्कर्म का केस दर्ज हुआ था। स्वामी चिन्मयानंद के खिलाफ चल रहे अभियोग को राज्य सरकार ने वापस लेने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। पीड़ित को इसकी जानकारी तब लगी, जब उसके पास शाहजहांपुर के अभियोजन अधिकारी का पत्र पहुंचा।
पीड़ित अपने परिवार के साथ बदायूं में रहती है। उसका कहना है कि उसके साथ सरकार नाइंसाफी कर रही है। वह अपनी जंग जारी रखेगी। पीड़ित की ओर से केस लड़ रहे सरकारी वकील ने भी केस वापस लेने को लिखकर दे दिया है। अभियोग चलाने के लिए उसकी ओर से सीजेएम शाहजहांपुर की अदालत में अर्जी दाखिल की जा चुकी है। चूंकि सरकारी वकील सरकार के साथ है इसलिए वह निजी अधिवक्ता खड़ा करेगी।