सपा के नेता और व्यापार मंडल की सियासत करने वाले मैनेजर को बचाने में लग गए हैं। उसे बचाने के लिए यूपी सराय एक्ट का हवाला दिया जा रहा है। अधिकारियों से बचने के लिए मैनेजर से नोटिस पर हस्ताक्षर करा लिए गए हैं।
पुलिस के मुताबिक घटना की शाम को 56 वर्षीय राकेश शर्मा वेंडर की मदद से जंक्शन से महिला को लालच देकर बुलाने के बाद उसे गंगापुर की आशीर्वाद धर्मशाला में ले गया था। उसने महिला को भाभी बताकर आशीर्वाद धर्मशाला में 200 रुपये में किराए का कमरा लिया था। धर्मशाला के मैनेजर ने उन्हें ठहराने से पहले आईडी नहीं ली। नियमानुसार आईडी लेनी चाहिए थी। व्यापारी मंडल से जुड़े एक नेता जी का धर्मशाला के मैनेजर से करीबी रिश्ता है, इसलिए वह सपा नेता की मदद से उनकी पैरवी करा रहे हैं। इसके लिए पुलिस को मैनेज कर लिया गया है। मंगलवार को मैनेजर को बुलाकर उनके पूछताछ भी की गई, इस दौरान एक नोटिस पर हस्ताक्षर भी करा लिए गए हैं। कोतवाली प्रभारी शक्ति सिंह ने बताया कि मामले की विवेचना की जा रही है। छानबीन के दौरान मैनेजर की मंशा गलत नहीं लग रही थी। उसने किराए के दौ सौ रुपये ही लिए थे। आईडी नहीं ली, यह उसकी गलती है। दोषी होने पर मैनेजर के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
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पत्नी की मुलाकात नहीं हो पाई
ट्रेन ड्राइवर राकेश शर्मा की पहली पत्नी की मौत हो गई थी। उसने दूसरी शादी की है, जिससे तीन बच्चे हैं। मंगलवार को पत्नी उससे मिलने आई थी, लेकिन उसके पास आईडी नहीं थी। इसलिए उसे जेल से बिना मिले ही लौटा दिया गया।