कई घंटों तक हंगामा होता रहा। इसके बाद अतिक्रमण हटाने गई टीम लौट गई। टीम तहसील दिवस में शिकायत के बाद डीएम के आदेश पर गई थी।
गांव के उमर अहमद और अंसारी धर्मकांटे के मालिक लतीफ के बीच छह महीने से अनबन चल रही है। दोनों पक्षों में मारपीट हो चुकी है। उमर अहमद ने तहसील दिवस में पीडब्ल्यूडी की जमीन पर अतिक्रमण कर धर्मकांटा लगाए जाने की शिकायत की थी। फरियाद न सुनने पर डीएम से कई बार शिकायत की गई।
उन्होंने पीडब्ल्यूडी से जांच कर अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। विभाग ने अंसारी धर्मकांटे के मालिक को नोटिस दिया था मगर उसे नजरअंदाज कर दिया गया।
बृहस्पतिवार को विभाग की टीम एसएसआई माधो सिंह बिष्ट, नरायन नगला चौकी प्रभारी जागेंद्र सिंह और पुलिस फोर्स को साथ लेकर पहुंची। टीम के आते ही वहां मौजूद महिलाएं और पुरुष प्रदर्शन करने लगे। जैसे ही जेसीबी आगे बढ़ी महिलाएं उसके आगे बैठ गई। पुलिस ने सख्ती दिखाई तो लतीफ अहमद ने अपने शरीर पर मिट्टी का तेल डाल दिया। वह चिल्लाकर आग लगाने का प्रयास कर ही रहा था, दरोगा जागेंद्र सिंह ने उसे पकड़ लिया।
लतीफ ने कहा कि पहले अन्य लोगों का अतिक्रमण हटाया जाए वह तभी सरकारी जमीन से कब्जा छोड़ेगा। इसके बाद टीम लौट गई। पुलिस ने लतीफ को शुक्रवार तक खुद ही धर्मकांटा ढहाने की हिदायत दी और नरायन नगला रोड पर नपाई कर अतिक्रमण चिह्नित भी किया। पीडब्ल्यूडी अफसरों ने कहा कि अब पूरे इलाके से अतिक्रमण हटवाया जाएगा।