शहरी क्षेत्र के करीब एक हजार संदिग्ध लोग पुलिस के रडार पर हैं, जिन्हें पुलिस की ओर से रेड कार्ड जारी किए गए हैं। इनके अलावा छह सौ शरारती लोगों को मुचलका पाबंद किया गया है। संवेदनशील इलाकों में खुफिया निगरानी बढ़ा दी गई है।
सावन भर शहर में कांवड़ यात्रियों की जबरदस्त धूम रहती है। 2012 में कांवड़ यात्रा के दौरान शहर में दंगा हुआ था। ऊपर से चुनावी साल है। इससे शरारती तत्व सावन और कांवड़ यात्रा के दौरान शहर का माहौल बिगाड़ सकते हैं। इसके मद्देनजर पुलिस ने खुफिया तरीके से एक हजार संदिग्ध लोगों को चिह्नित कर रेड कार्ड जारी किए हैं। ये शहर में ऐसे लोग हैं जो छोटा सा विवाद होने पर इकट्ठे होकर या अफवाहें फैलाकर माहौल बिगाड़ने की कोशिश करते हैं। ये संदिग्ध हर समय थाना, चौकी पुलिस और पुलिस से जुड़े लोग व खुफिया विभाग की निगरानी में हैं। संदिग्ध लोगों के घर आने जाने वालों पर भी निगरानी रखी जा रही है।
पुलिस ने शहर के करीब छह सौ लोगों को मुचलका पाबंद किया है। ये संवेदनशील इलाकों के ऐसे लोग हैं जो किसी मुकदमे में वांछित होने के साथ आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त हैं। संवेदनशील इलाकों में तैनात चीता और रक्षक मोबाइल को अभी से अलर्ट कर दिया गया है। हर थाने में दो-दो क्यूआरटी लगाई गई हैं।
सावन और कांवड़ यात्रा को लेकर देहात की पुलिस भी अलर्ट है। एसपी देहात यमुना प्रसाद ने बताया कि विभिन्न थाना क्षेत्रों के चार सौ लोगों को मुचलका पाबंद किया गया है। डीजे संचालकों को नाटिस जारी किए गए हैं, जिसमें अश्लील गानों, धार्मिक उन्मान फैलाने वाले गाने न बजाने को कहा गया है।
सावन को लेकर हम लोगों ने होमवर्क कंप्लीट कर लिया है। शरारती तत्वों पर पुलिस की नजर है। करीब एक हजार शरारती चिह्नित भी कर लिए हैं। खुफिया तरीके से सूचनाएं जुटाई जा रही हैं। शांति बिगाड़ने वालों किसी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
- समीर सौरभ, एसपी सिटी