आईजी विजय सिंह मीना ने कहा कि कई जिलों में हत्या, लूट, डकैती की पुरानी वारदात नहीं खुल पा रही हैं। इसके लिए अतिरिक्त प्रयासों की जरूरत है। ऑफिसों में तैनात फालतू पुलिस कर्मियों को हटाक र उन्हें फील्ड में तैनात कर दीजिए।
बुधवार को जोन सभागार में जोन के सभी जिलों के एसएसपी और एसपी की बैठक में आईजी ने कहा कि डीजीपी ने सभी जिलों को पांच कैटागिरी में बांट दिया है। बरेली और मुरादाबाद को ए कैटागिरी में रखा गया है। बाकी जिले अन्य कैटागिरी में हैं। कैटागिरी के हिसाब से ही ऑफिसों और थानों में मुंशियों की तैनाती होगी। आईजी ने पुरानी विवेचनाओं का जल्द निस्तारण कराने के आदेश दिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए अधिकारी समय-समय पर आदेश कक्ष में अधीनस्थों को निर्देश देते रहें। निरोधात्मक कार्रवाई में कोई लापरवाही नहीं होनी चाहिए। वांछित अपराधियों को पकड़ने के लिए अभियान चलाए जाएं। इस मौके पर डीआईजी बरेली आशुतोष कुमार, एसएसपी आरके भारद्वाज के अलावा सभी जिलों के पुलिस मुखिया मौजूद रहे।
गौशालाओं का सत्यापन होगा
-आईजी ने उन गौशालाओं का सत्यापन कराने को कहा कि जहां पशुओं को सुपुर्दगी में दिया जा रहा है। पीलीभीत की गौशाला का भी सत्यापन होगा। पशुओं को सुपुर्दगी में देते वक्त फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी होगी। गौवंशीय पशुओं की तस्करी करने वालों पर एनएसए की कार्रवाई होगी।
रमजान पर सतर्क रहने के निर्देश
आईजी ने पुलिस अधिकारियों से रमजान पर सतर्क रहने के आदेश जारी किए हैं। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक विवादों को आला अधिकारी खुद देखें। साथ ही ऐसे मामलों में लिप्त लोगों के खिलाफ कार्रवाई कराएं। पुलिस बल पर हमला होने के बाद लिखे गए मुकदमों में भी प्रभावी कार्रवाई कराई जाए।