सेटेलाइट स्थित रोडवेज वर्कशाप डिपो में हवा भरने वाला कंप्रेशर के फटने से चार कर्मचारी घायल हो गए। इन्हें जिला अस्पताल लाया गया। एक की हालत गंभीर बताई जा रही है।
बरेली डिपो वर्कशाप में मंगलवार को जुगाड़ से तैयार कंप्रेशर ट्रायल के लिए लाया गया था। मंगलवार दोपहर कर्मचारियाें ने कंप्रेशर चालू किया। कमजोर कंप्रेशर हवा का दबाव झेल नहीं पाया। सौ पाउंड हवा भरते ही कंप्रेशर फट गया। सेक्शन प्रभारी प्यारे लाल आर्य, टायर मिस्त्री अनिल कुमार, विवेक कुमार, कंप्रेशर मिस्त्री नफीस अहमद इसकी चपेट में आ गए। प्यारे लाल की हालत गंभीर है। इनके शरीर के कई हिस्से में चोट आई हैं और सिर पर कंप्रेशर का पार्ट लगने से स्थिति गंभीर बनी हुई है। अनिल व विवेक को मामूली चोट आई है। इन्हें तत्काल 108 एंबुलेंस से जिला अस्पताल लाया गया। बाद में एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। खबर मिलने पर आरएम प्रभाकर मिश्र, सेवा प्रबंधक आरबीएल शर्मा, एआरएम जुनैद शम्सी और प्रमुख कर्मचारी नेता भी पहुंच गए।
- आखिर क्याें चुप हैं संगठन ...
जुगाड़ से चलाए जा रहे कंप्रेशर दुघर्टना से चार कर्मी घायल हो गए। कर्मचारी हितैषी और इनके बूते संगठन चलाने वाले नेताओं ने चुप्पी साध ली है। कोई कुछ बोलने को तैयार नहीं है। प्रबंधन ने घायल को पांच हजार रुपये दिए जरूर दिए हैं।
पहले भी हो चुकी हैं घटनाएं
करीब डेढ़ दशक पहले भी वर्कशाप में गंभीर दुर्घटनाएं हो चुकी हैं। क्षेत्रीय कार्यशाला में वेल्ंिडग करते समय डीजल टैंक फट गया था, इसमें हरपाल सिंह और अनूप नामक दो कर्मी चपेट में आ गए थे।
कहां गया फर्स्ट एड बॉक्स
वर्कशाप कारखाना और फैक्ट्री अधिनियम परिधि में आते हैं। इसके तहत दुर्घटना बचाव सुविधाएं और फर्स्ट एड बॅाक्स आवश्यक है। घायलों को तत्काल इलाज वर्कशाप में नहीं मिल पाया।