MLC Sanjay's car seized, taken to the police station on foot
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
कोतवाली पुलिस ने आचार संहिता के उल्लंघन में विधान परिषद सदस्य संजय मिश्र की गाड़ी कलक्ट्रेट में पकड़ ली और कोतवाली लाकर सीज कर दिया। इनकी गाड़ी पर हूटर, झंडा और बैनर लगे हुए थे। कोतवाली से वह पैदल ही निकल गए। शहर में दो और गाड़ियां सीज की गईं हैं, जिन पर हूटर लगा था इनमें से एक गाड़ी पर सपा के निशान पर पार्षद लिखा था। इन वाहनों के मालिकों के खिलाफ भी रिपोर्ट दर्ज की गई है।
सोमवार को एमएलसी संजय मिश्रा किसी काम से कलक्ट्रेट गए थे। वहां पर उनकी गाड़ी को देखकर किसी ने एडीएम सिटी से शिकायत की कि आचार संहिता का उल्लंघन करके कलक्ट्रेट में नेताओं की हूटर और झंडे लगी गाड़ियां ख़ड़ी कर दी गईं हैं। उसी समय अपर नगर मजिस्ट्रेट प्रथम अरुण मणि तिवारी ने पार्किग में पहुंचकर गाड़ी सीज करने के आदेश स्टाफ को दिए। कोतवाली के दरोगा केपी सिंह ने गाड़ी को कब्जे में लिया और शाहजहांपुर के थाना आरसी मिशन क्षेत्र के दनियापुर निवासी एमएलसी संजय कुमार मिश्र की स्कार्पियो गाड़ी नंबर यूपी-32-एचई-0027 को सीज कर दिया। इस मामले में संजय मिश्र के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सीबीगंज के परसाखेड़ा गौटिया निवासी ओमप्रकाश की हूटर लगी बोलेरो गाड़ी भी पुलिस ने पकड़ ली। इस पर सपा के निशान के साथ ही पार्षद लिखा था। गाड़ी सीज करने के बाद ओमप्रकाश के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली गई। उत्तराखंड के ऊधमसिंह नगर के थाना पुलभट्टा के गांव अलीनगर निवासी हाकिम अली की हूटर लगी गाड़ी भी पकड़कर सीज कर दी गई और हाकिम अली के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई।
कोशिश तो बहुत की लेकिन छुड़ा नहीं पाए
बरेली। शिक्षक एमएलसी संजय मिश्र ने कलक्ट्रेट से लेकर कोतवाली तक गाड़ी को छुड़ाने की बहुत कोशिश की लेकिन वह छुड़ा नहीं सके। कलक्ट्रेट में अपर मजिस्ट्रेट प्रथम के सामने एमएलसी होने के साथ-साथ इन सुविधाओं के लिए अधिकृत होने का तर्क देते रहे लेकिन उनकी एक नहीं चली। करीब आधा घंटे तक ड्राइवर को गायब करा दिया। चाबी न मिलने पर एसीएम ने साफ साफ कह दिया कि विधायक जी गाड़ी तो सीज होनी है, ड्राइवर नहीं आएगा तो क्रेन से ये कोतवाली भेजनी पड़ेगी। उसी के बाद पांच मिनट में ड्राइवर आ गया और उसमें पुलिस के साथ बैठकर एमएलसी कोतवाली गए। वहां पर भी कोशिश की कि गाड़ी रिलीज हो जाए लेकिन कोतवाल ने कह दिया कि नियमानुसार ही गाड़ी को मजिस्ट्रेट के आदेश पर रिलीज किया जा सकता है। गाड़ी न छूटने पर वह कोतवाली से पैदल ही गए।