अरिल नदी के किनारे महमूदपुर गांव के जंगल में टोक ने पर पशु तस्करों ने एक युवक के पेट में गोली मारकर हत्या कर दी। हत्या के बाद पशु तस्कर शव को चकरोड किनारे खाई में फेंक गए। फायरिंग में कुछ और के भी घायल होने का अंदेशा है। फायरिंग से पहले हत्यारों से पशु तस्करों की गुत्थमगुत्था हो गई। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने को भेज दिया। शाम को मृतक के शव की शिनाख्त होने के बाद पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
ग्राम महमूदपुर के पूर्व प्रधान ने बताया कि सुबह करीब साढ़े तीन बजे अरिल नदी के जंगल में कई राउंड ताबड़तोड़ फायरिंग होने से ग्रामीणों में दहशत फैल गई। गांव के एक किनारे जगन्नाथ पाली का मकान है। फायरिंग के बाद जंगल की ओर से एक गोवंशीय पशु उनके घर के पास आया। पीछे से आए पशु तस्कर उसे पकड़ कर ले गए। इससे यह बात साफ हो गई कि पशु तस्करों ने ही गोलीबारी की है। सूचना के बाद सुबह पुलिस मौके पर पहुंची तो देखा 24 साल के युवक की लाश चकरोड के किनारे खाई में पड़ी थी। युवक के पेट में गोली मारकर हत्या की गई थी। उसके हाथ पर रमेश लिखा था। पुलिस ने लाश को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन दोपहर तक मृतक की पहचान नहीं हो पाई। शाम को शव की पहचान आंवला के पचढे़र गांव के रमेश सिंह के तौर पर हो गई। रमेश सिंह के पिता लटूरी सिंह ने पुलिस को बताया कि रमेश सिंह रविवार की शाम को घर से अपने दोस्तों के साथ निकला था। इसके बाद क्या हुआ उन्हें कोई जानकारी नहीं है। उधर, पुलिस की छानबीन में यह बात सामने आ रही है कि डेढ़ साल पहले तक दिन में अरिल नदी से होकर पशु तस्करी निकलते थे। इन दिनों रात में बदायूं के कुवंरगांव के बाजार से अरिल नदी होते हुए शवों को सिरौली के शिवपुरी बाजार में लाया जाता है। रविवार की रात को पशु तस्कर ही अरिल नदी के रास्ते से होकर गुजर रहे थे। रमेश सिंह और उसके साथियों उन्हें टोक दिया। इसी बात को लेकर रमेश और उसके साथियों से पशु तस्करों की गुत्थम-गुत्था हो गई। पशु तस्करों ने खुद को घिरा देखकर ताबड़तोड़ फायरिंग करनी शुरू कर दी। पेट में गोली लगने के बाद रमेश ढेर हो गया। इसके बाद पशु तस्कर उसे चकरोड किनारे खाई में डाल गए। गोली लगने से कुछ और के भी जख्मी होने की बात कही जा रही है लेकिन वे कहां है इस बारे में कोई कुछ नहीं बता रहा है। रमेश रात में क्यों गया ता और उसका दोस्त कहां है इसका भी जवाब पुलिस के पास नहीं है। प्रभारी निरीक्षक ब्रजराज सिंह ने बताया ऐसा लगता है कि हत्या करने के बाद शव लाकर फेंका गया है। मौके पर मौजूद अलग-अलग पैरों की चप्पलें खंती में पड़े शव और बराबर में जूझने के निशान देखकर अंदाजा लगाया जा सकता है कि फायरिंग के साथ गुत्मगुत्था भी हुई है।
महमूदपुर गांव के जंगल में शव की पहचान होने के बाद उसके बारे में बारीकी से छानबीन कराई जा रही है। पशु तस्करी के जुड़ी कुछ बातें भी सामने आई हैं। कुछ बातों को तस्दीक कराने के बाद पूरी तरह से सच्चाई का पता लग पाएगा- यमुना प्रसाद, एसपी देहात
क्राइम सीन
अरिल नदी किनारे चकरोड पर रामस्वरुप के खेत के बराबर में खाई में 24 साल के व्यक्ति के दाएं हाथ पर रमेश सिंह गुदा हुआ था। हाथ में कलावा गले में धागा पड़ा था। पेट में गोली लगने की वजह से उसकी आंतें बाहर निकली हुई थीं। थोड़ी दूरी पर पुलिस को तीन चार अलग-अलग पैरों की चप्पल मिलीं। मृतक के घुटने तक मुड़ी, पैंट व नगें पैर होने की वजह के पुलिस कई तरह के अनुमान लगा रही थी।