जिला महिला अस्पताल में मंगलवार को एक महिला की सिफारिश करने पहुंचे व्यक्ति की महिला डॉक्टर से झड़प हो गई। मामला बढ़ा तो वह डॉक्टर को मारने के लिए लेबर रूम में घुस गया। डॉक्टर ने अपने आप को एक कमरे में बंद कर बचाया। कर्मचारी व अन्य डॉक्टराें ने मौके पर विरोध किया तो वह सीएमएस के पास पहुंचा। यहां भी उसने काफी उत्पात मचाया। डॉक्टरों ने सीएमओ, जेडी हेल्थ और पुलिस को सूचना दी। डॉक्टर का रो- रोकर बुरा हाल था। वह इतना डर गईं कि कमरे से बाहर ही नहीं निकलीं। डॉक्टर व स्टाफ ने हंगामे के बाद काम बंद कर दिया और डॉक्टर को घर पहुंचाया गया।
पुराना शहर की 40 वर्षीय मुन्नी का पिछले एक माह से डॉ. शशि गुप्ता इलाज कर रहीं हैं। डॉ. शशि का कहना है कि मुन्नी उनसे बच्चेदानी निकालने को कह रही है, जबकि केस ऐसा नहीं है। डॉ. शशि ने बताया कि उनकी आपरेशन के अलावा, नसबंदी और ट्रेनिंग की ड्यूटी थी। तीन ड्यूटी एक साथ होने से वह परेशान थीं। इतने में मुन्नी के साथ नवाबाें की गली में रहने वाले गजाल शम्सी अस्पताल पहुंचा। डॉ. ने बताया कि गजाल अपने आपको समाजसेवी बता रहा था। उसने मुन्नी का आपरेशन करने का दबाव बनाया तो उन्हाेंने मना कर दिया। इतने में वह गुस्सा होकर लेबर रूम में घुस गया। डॉ. शशि का आरोप है कि उसने गला दबाने की कोशिश की, लेकिन इतने में कर्मचारी और डॉक्टर आ गए जिससे वह बची। वह एक कमरे में बंद हो गईं। शशि का कहना है कि गजाल ने गंदी गालियां दीं। जिससे उनका मानसिक उत्पीड़न हुआ है।
- डॉ. शशि ने नहीं दर्ज कराई एफआईआर
डॉ. शशि ने सीएमओ डॉ. विजय यादव और पुलिस को सूचना दी। तब तक आरोपी जा चुका था। सीएमएस के कमरे में डॉ. शशि रो रोकर पुलिस को जानकारी दे रही थीं। उन्हाेंने कहा कि उन्हें गजाल से डर है, उसने धमकी भी दी है। डॉ. शशि ने एफआईआर दर्ज कराने से मना कर दिया है। सीएमओ और जेडी हेल्थ डॉ. सुबोध शर्मा ने गजाल को बुलाकर पूछताछ की तो उसने कार्य के लिए अफसोस जताया। उसने कहा कि डॉक्टर ने उसे दलाल कहा था।