आंवला। चार दिन से लापता इमाम अब्दुल कादिर ने होश आने पर अपहरण की कहानी सुनाई है। हालांकि यह कहानी पुलिस के गले नहीं उतर रही है। कोतवाल मामले को प्रेम प्रसंग से जोड़ रहे हैं इसलिए इमाम और उनके साथ वाशिद को पूछताछ के लिए थाने में ही रोक रखा है। उधर, मनोना रोड पर जिस मस्जिद में इमाम छह महीने से नमाज पढ़ा रहे थे वहां की कमेटी ने उन्हें हटा दिया है। मस्जिद के मुतवल्ली सैय्यद कमर अली ने कहा कि हमारी पूरी सहानुभूति थी मगर पुलिस को दिए संदिग्ध बयानों की वजह से हटाने का फैसला लिया है।
इमाम अब्दुल कादिर को गोला से लाकर बृहस्पतिवार को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को होश आने पर उन्होंने बताया कि नमाज पढ़ाने जाते समय कुछ लोग सुबह उसे कार से उठाकर ले गए थे। साइकिल से गिराने के बाद पीटा गया और नशा सुंघाकर कार में डाल लिया। इसके बाद उन्हें गोला बस स्टैंड पर कुछ होश आया और वहां रहने वाली परिचित बीमा एजेंट नीलम मिश्रा के नंबर पर कॉल करने की लोगों से अपील की। वह मेरे दोस्त वाशिद की बहन फरजाना की मदद से मुझे अपने घर ले गईं और मेरे परिवार वालों को सूचना दी। कोतवाल बृजराज सिंह का कहना है कि अपहरण की बात में दम नहीं दिख रहा है। कॉल डिटेल के आधार पर प्रेम प्रसंग का मामला सामने आ रहा है।
उधर, गोला के उरला गांव की मस्जिद में तैनात अब्दुल कादिर के दोस्त वाशिद ने बताया उसकी दोस्ती मजहबी पढ़ाई के दौरान मदरसा सराय नगर में हुई थी इसके बाद गोला के मदरसा इस्लामिया जूूनियर हाईस्कूल में पढ़ाने लगा। साथ ही पास के ही मस्जिद में इमामत करने लगा। वह अब्दुल कादिर की गुमशुदगी की जानकारी मिलने पर आया था।