सड़क हादसे तो रोजाना होते हैं। तमाम लोग चोटें लगने के बाद भी मुकदमा लिखाने के लिए भटकते रहते हैं, लेकिन सोमवार की रात को हुए एक हादसा के बाद क्या हुआ यह आप भी जान लीजिए। एक कार ने थाना प्रेमनगर के डेलापीर चौकी इंचार्ज को टक्कर मारकर जख्मी क्या कर दिया तूफान मच गया। वर्दी वाले की बाइक कैसे ठोंकी..बस इसी रौब में वर्दी वालों ने आनन-फानन कार को कब्जे में लेकर तोड़ दिया। इतना ही नहीं कार चलाने वालों को आईपीसी की धारा 307 जानलेवा हमला करने समेत कई गंभीर धाराओं में मुकदमा लिखकर दो लोगों को गिरफ्तार करके कोर्ट में पेश करके जेल भिजवा दिया। हालांकि आमतौर पर पुलिस इतनी तेजी दिखाती नहीं।
राजा बिहार राजेन्द्रनगर निवासी मक्खन कारोबारी अनिल कुमार मग्गो का पुत्र साहिब मग्गो व उनका गांधीनगर निवासी दोस्त निशांत अरोड़ा स्विफ्ट कार से कुतुबखाना की ओर से आ रहे थे। चौकी इंचार्ज डेलापीर दरोगा अजब सिंह हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह के साथ सीओ के अर्दली रूम में शामिल होकर थाने वापस आ रहे थे। बाइक दरोगा जी चला रहे थे। उनकी बाइक ने जैसे ही कोहाड़ापीर पेट्रोल पंप से थाना प्रेमनगर जाने के लिए टर्न लिया बेकाबू कार पीछे से आ गई। हेड कांस्टेबल ने अपनी तहररी में जो हालात बताए हैं इसके अनुसार उसने कार रुकवाने का इशारा किया तो उसमें सवार युवक उनके साथ गाली देते हुए कार दौड़ाते हुए भाग गए। कार का पीछा करते हुए जैसे ही दरोगा जी ने धर्मदत्त सिटी अस्पताल से पहले कार को ओवरटेक करके रोकने का इशारा किया तो कार चालक ने पीछे से जान से मारने की नियत से उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में दरोगा जी गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही एसएचओ समेत कई पुलिस कर्मी मौके पर पहुंच गए। दरोगा आशीष कुमार चौकी इंचार्ज को निजी अस्पताल में ले जाकर भर्ती करा दिया। क्षतिग्रस्त बाइक को थाने उठाकर ले आए। हेड कांस्टेबिल की तरफ से प्रेमनगर पुलिस मामला भारतीय दंड संहिता की धारा 279, 504, 307, 332 और 427 में रिपोर्ट दर्ज कर ली। चेकिंग के दौरान किला की चीता मोबाइल के सिपाही राजेश यादव, अनिल कुमार ने दरोगा सुभाष यादव की मदद से कार को मिनी बाईपास पर घेराबंदी करके कब्जे में ले लिया। उसमें सवार साहिब मग्गो और निशांत अरोड़ा को गिरफ्तार कर लिया। एसएसपी ने तीनों को सम्मानित भी कर दिया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को मंगलवार को अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कक्ष संख्या छह के न्यायालय मेें पेश किया। न्यायालय में आरोपियों के अधिवक्ता अनूप कोहरवाल व अनूप श्रीवास्तव ने तर्क दिया कि पुलिस ने मनमाने तरीके से अपराध दर्ज किया है और उनकी गाड़ी को क्षतिग्रस्त किया है। उन्होंनेे पुलिस दरोगा की गाड़ी व अनिल कुमार मग्गो की गाड़ी के चित्र भी पेश किए। जिसमें बाइक तो मामूली क्षतिग्रस्त है जबकि कार काफी टूटी है। एसीजेएम ने जमानत प्रार्थनापत्र पर आर्डर रिजर्व करते हुए दोनों को जेल भेज दिया।
इन धाराओं में दर्ज हुआ हादसे का केस
307- जानलेवा हमला, 504-गाली गलौज करना, 279- लापरवाही से वाहन चलाना, 332- सरकारी कार्य में बाधा डालना , 427-50 रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाना
आम आदमी के लिए यह धाराएं हैं
279-लापरवाही के वाहन चलाना, 427-50 रुपये से अधिक का नुकसान पहुंचाना, 337 मामूली चोट पहुंचाना, 338 हादसे में हड्डी टूट जाना।
-कार सवार युवकों ने चौकी इंचार्ज अजब सिंह की जान लेने की कोशिश की है। उनके कूल्हे और कंधे की हड्डी टूट गई है। इसलिए आईपीसी की धारा 307 में मुकदमा लिखकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है- सिद्धार्थ वर्मा, सीओ सिटी