रामपुर (मिलक) में सत्ता के दबाव में पूर्व विधायक के बेटे के खिलाफ एफआईआर का आदेश वापस लेकर कंडक्टर की जांच के आदेश से कंडक्टर भड़क गए। दर्जनों कंडक्टर अपने साथी के साथ हुई मारपीट के और जांच के विरोध में आईजी विजय सिंह मीना से मिलने उनके दफ्तर में पहुंचे। कंडक्टर अपने साथ उस दिन यात्रा करने वाले यात्रियों को भी साथ ले गए। आईजी के मौजूद न होने से उनके पीआरओ से मिलकर पूर्व विधायक के बेटे पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग को लेकर प्रार्थना पत्र दिया। आईजी के पीआरओ ने सोमवार को मुलाकात कराने का आश्वासन देकर उनको दफ्तर से वापस भेजा।
कंडक्टर सर्वेश कुमार ने बताया कि पूर्व एमएलए बीना भारद्वाज, उनके बेटे अपूर्व और ननद रजनी समेत उनके समर्थकों ने उससे न केवल मारपीट की बल्कि यात्रियों के साथ अभद्रता भी की गई। सपा का झंडा लगाए दर्जनों गुंडे स्कार्पियों और बाइकों पर सवार होकर फिल्मी स्टाइल में उससे अभद्रता करते रहे। बाकी यात्री तो सीटों के अंदर घुस गए लेकिन कुछ यात्रियों ने हिम्मत जुटाकर बचाने की कोशिश की। उनसे भी अभद्रता हुई। फिर थाने में सपा नेताओं ने तीन घंटे तक मौजूद रहकर पुलिस की मदद से उस पर माफीनामा लिखने का दबाव बनाया। जब तक दोषियों पर रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई नहीं होती, तब तक वह चुप नहीं बैठेगा। कंडक्टर के साथ आए यात्रियों में फहीमा यासमीन और शारिक अली का कहना था कि अगर आईजी से उसे न्याय नहीं मिला तो वह मुख्यमंत्री से लखनऊ जाकर न्याय मांगेंगे। आईजी दफ्तर के बाहर घटना का विरोध जताने वालों में योगेंद्र यादव, राजवीर यादव, गुलाम मुस्तफा, अल्पेश कुमार, मोहित कुमार, जितेंद्र सिंह, कृष्णपाल, संतोष कुमार समेत तमाम लोग शामिल थे।
तुम मैडम से माफी मांग लो, हम तुमसे ...
कंडक्टर सर्वेश कुमार का कहना है कि उसने जब अपने उच्चाधिकारियों को सपा के दबंगों से मारपीट करने की सूचना दी तो उन्होंने कहा कि तुम मैडम (पूर्व विधायक बीना भारद्वाज) से माफी मांग लो और बरेली में हमारे दफ्तर में आ जाओ। यहां हम तुमसे माफी मांग लेंगे। कंडक्टर के अनुसार विभागीय उच्चाधिकारी उसे इस बात के लिए डांट रहे हैं कि इतने पॉवरफुल लोगों से पंगा क्यों लिया।
कंडक्टर को मेरे पास आना चाहिए था
रोडवेज के रीजनल मैनेजर प्रभाकर मिश्र का कहना है कि कंडक्टर के साथ अगर कोई घटना हुई थी तो उसको सबसे पहले एआरएम को बताना चाहिए था। वहां अगर उसकी बात नहीं सुनी जाती तो उनके पास आता। अगर वह अनावश्यक रुप से मामले को बाहर जाकर तूल दे रहा है तो पूरी तरह गलत है। आरएम के मुताबिक उनको कंडक्टर के मामले में आईजी का पत्र मिला है। जांच चल रही है। जांच पूरी होने के बाद ही कुछ बता पाएंगे।
रामपुर मिलक में ऐसे हुआ था विवाद
बुधवार को दिल्ली से बरेली आ रही रोडवेज की शताब्दी एसी बस नंबर यूपी-25, बीटी 6912 पर कौशांबी से सपा की पूर्व विधायक बीना भारद्वाज का बेटा अपूर्व यात्रा कर रहा था। कंडक्टर सर्वेश कुमार के मुताबिक मिलक बाईपास पर उसने जब अपूर्व से नीचे उतरने को कहा तो उसने बस शहर के अंदर से चलने की जिद की। जब उसने अंदर से बस ले जाने से मना किया तो उसने फोन से अपने 12-15 साथी बुला लिए। सपा का झंडा लगी तीन लग्जरी गाड़ियों पर सवार सपा के दबंगों ने बस में घुसकर कंडक्टर से मारपीट की और बस को मिलक थाने लेकर गए। रोडवेज में यात्रा करने वाली फहीमा यासमीन ने बताया कि थाने में पूर्व विधायक बीना भारद्वाज, उनकी ननद रजनी और उनके समर्थकों ने कंडक्टर से जबरन माफीनामा लिखवा लिया। कंडक्टर ने जब आईजी को पूरी बात बताई तो उन्होंने विधायक के बेटे पर रिपोर्ट दर्ज करने का आदेश दे दिया। बाद में विधायक के दबाव में आईजी ने एफआईआर का आदेश वापस लेकर कंडक्टर की भूमिका की जांच के आदेश दे दिए गए।