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घरवालों ने नहीं सुनी मन की बात तो जान दे दी

Fri, 03 Jun 2016 01:28 AM IST
ब्यूरो, अमर उजाला बरेली
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भाजपा कार्यकर्ता राजेश दीक्षित के दिल की बात घर वाले नहीं समझ पाए। पचास साल के हो चुके राजेश दीक्षित शादी करना चाहते थे। कई बार घरवालों से कहा भी लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। परिजन उनकी उम्र को शादी लायक न मानते हुए हंसकर टालते रहे। अपनी बात घर वालों को नहीं समझा पाए तो आखिर ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। अब घर में कोहराम मचा हुआ है।
पुलिस के मुताबिक थाना किला मोहल्ला पंजाबपुरा निवासी राजेश कुमार दीक्षित पिछले कई महीने से परिवार वालों से शादी कराने के लिए कह रहे थे। हालांकि पहले उन्होंने खुद ही शादी नहीं की। इन दिनों उनका दिमागी संतुलन भी ठीक नहीं था। परिवार के लोग उनकी शादी की बात टाल देते थे। इसके पीछे उनकी उम्र भी एक फैक्टर थी। शादी की जिद पूरी न होने पर राजेश दीक्षित टेंशन में थे। बृहस्पतिवार की सुबह करीब आठ बजे राजेश चुपचाप घर से निकलकर किला इलाके में श्मशान भूमि फाटक के पास पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक राजेश दीक्षित ने राज्यरानी एक्सप्रेस के आगे कूदकर जान दे दी। उनके शव के ऊपर से और भी कई ट्रेन गुजर गई। सूचना मिलने पर पहुंचे जीआरपी की टीम ने मामला किला थाने के हवाले कर दिया। किला पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया है। पुलिस के मुताबिक राजेश भाजपा कार्यकर्ता थे। घटना से सूचना पर पार्टी के लोग भी ढांढस बंधाने पहुंचे। हादसे से मृतक के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। चौकी इंचार्ज बाकरगंज उमेश कुमार यादव ने बताया कि शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार को सौंप दिया है। 
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बड़े भाई के बेटे की हो चुकी है मौत
-राजेश और सुधीर दो ही भाई थे। बड़े भाई सुधीर दीक्षित के बेटे अनुभव की दो साल पहले बीमारी से मौत हो गई थी। परिवार में सुधीर उनकी पत्नी विमला और बेटी रिमझिम हैं। राजेश की मौत से पूरा परिवार सदमे में हैं।  
  
थाना इज्जतनगर के बन्नूवाल नगर कॉलोनी में बृहस्पतिवार दोपहर के समय 20 वर्षीय मजदूर संजीव कुमार का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। पुलिस ने उसके शव को पोस्टमार्टम को भेजा है। परिवार के लोगों का कहना है कि रिश्ते की भाभी से दोस्ती को लेकर युवक तनाव में था और इसी वजह से उसने आत्महत्या की है। युवक की मां ने उसी महिला पर आत्महत्या के लिए प्रेरित करने का आरोप लगाया है। 
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बन्नूवाल नगर कॉलोनी निवासी छेंदालाल का बेटा संजीव कुमार ठेला चलाकर मजदूरी करता था। बृहस्पतिवार की सुबह वह काम पर गया और दोपहर को घर लौट आया। इसके बाद वह कमरे से नहीं निकला। छोटे भाई नन्हू ने बताया कि उसने मां के साथ कमरे में जाकर देखा तो पंखे के कुंडे के सहारे रस्सी से उसके भाई संजीव कुमार की लाश फंदे से लटकी हुई थी। रस्सी काटकर उन्होंने संजीव के शव को फंदे से उतारा, लेकिन उस वक्त तक संजीव की मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की छानबीन की तो मां ने बताया कि संजीव की रिश्ते की भाभी से दोस्ती थी। इसी को लेकर वह आए दिन टेंशन में रहता था। मां का आरोप है कि संजीव की भाभी ही उसकी मौत के लिए जिम्मेदार है। उसी से विवाद होने पर संजीव ने आत्महत्या की है। 
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