शिवसेना के दो गुटों में काफी समय से चल रही वर्चस्व की जंग बृहस्पतिवार को मारपीट में तब्दील हो गई। असली और फर्जी के आरोप प्रत्यारोप के बीच रेलवे जंक्शन के बाहर दोनों गुटों ने पहले एक दूसरे के खिलाफ नारेबाजी की। फिर पोस्टर फाड़े। इसमें विवाद बढ़ने पर दोनों पक्षों ने लात घूंसों, लाठी डंडों से मारपीट की। आधे घंटे से ज्यादा समय तक चले तांडव में चार लोगों को चोटें आईं और इतनी ही बाइकें टूट गईं। जंक्शन पर आने वाले यात्रियों की भीड़ लग गई लेकिन चंद कदम दूर पुलिस चौकी से कोई भी बाहर नहीं निकला। कोतवाली पुलिस को चार लोगों के खिलाफ मारपीट की तहरीर दी गई है। दोनों गुटों में दिनभर तनातनी बनी रही।
शहर में शिवसेना के दो गुट हैं। एक गुट के शांताराम शर्मा और दूसरे गुट के पंकज पाठक ने खुद को स्वयं भू शिवसेना का जिला प्रमुख घोषित कर रखा है। दोनों गुटों ने एसपी सिटी से लेकर पुलिस के उच्चाधिकारियों को चिट्ठी देकर दूसरे गुट को फर्जी बता रखा है। मगर, अभी तक यह तय नहीं हो पाया है कि शिवसेना का असली गुट कौन सा है और फर्जी कौन। बृहस्पतिवार को दोपहर 12 बजे शांताराम शर्मा गुट की शिवसेना के राज्य प्रमुख बीएन शुक्ला प्रदेश कार्यकारिणी के साथ आने वाले थे। शांताराम गुट के समर्थक उनके स्वागत के लिए जंक्शन के बाहर फूल मालाएं लिए खड़े थे। इसी दौरान पंकज पाठक समर्थक भी जंक्शन के बाहर पहुंच गए और राज्य प्रमुख समेत दूसरे गुट को फर्जी बताकर नारेबाजी कर पोस्टर फाड़ने लगे। शांताराम समर्थकों ने भी पंकज गुट का विरोध शुरू कर दिया। दोनों पक्षों में गाली गलौज होने लगी और विवाद बढ़ने पर लात घूंसों और लाठी डंडों से मारपीट होने लगी। आरोप है कि दोनों पक्षों से राइफलें भी लहराई गईं। आधे घंटे से ज्यादा तांडव चलता रहा। इसमें चार बाइकें भी टूट गईं। शांताराम शर्मा ने पंकज पाठक पर मारपीट कर अक्षय कुमार, कुलदीप कुमार समेत चार लोगों को घायल करने और सोने की चेन लूटने का आरोप लगाया है। शांताराम गुट की ओर से अक्षय कुमार ने पंकज पाठक, बंटू सिंह, अजय चौधरी और अनिल सक्सेना के खिलाफ पुलिस को तहरीर दी है।
मारपीट के बाद समझौता
दोनों गुटों में मारपीट के बाद थाने बुलाकर पुलिस ने समझौते का भी प्रयास किया। पंकज पाठक ने बताया कि जब वह समझौता कर रहे थे तो उन्होंने शिवसेना के नाम पर हो रहे फर्जी सम्मेलन का विरोध किया। इस पर बात नहीं बनी। अब वह आमने-सामने की जंग को तैयार हैं।
पंकज पाठक का शिवसेना से कोई संबंध नहीं है। उन्हें पहले ही संगठन से निष्कासित किया जा चुका है। फिर भी वह शिवसेना के नाम पर लोगों को गुमराह कर रहे हैं। पंकज पाठक के लोगों ने हमारे लोगों पर हमला कर चार को घायल कर दिया और सोने की चेन लूट ली। राइफलें भी लहराईं।
- शांताराम शर्मा
शांताराम शर्मा पहले शिवसेना के जिला प्रमुख थे। पार्टी विरोधी गतिविधियों की वजह से उन्हें पहले संगठन ने निष्कासित कर दिया था। उनके समर्थकों ने ही जंक्शन के बाहर मारपीट शुरू की तो हमारे समर्थकों ने भी जवाब दिया। उनके लोगोें ने ही असलहे लहराए।
-पंकज पाठक
शिवसेना की खबर में जोड़
‘पंकज पाठक का मनोनयन शिवसेना के पहले विधायक पवन पांडेय ने किया था। अब वही पार्टी से बाहर हैं तो पंकज के बाहर होने की बात खुद समझी जा सकती है। वह मुझे फर्जी बता रहे हैं। इस पर मैं इतना कहूंगा कि मेरा मनोनयन उद्धव ठाकरे ने किया था। फिर बाद में कार्यकर्ताओं ने शिवसेना का राज्य प्रमुख बनाया।’ बीएन शुक्ला, राज्य प्रमुख शिवसेना
शिवसेना की खबर का जोड़
मुंबई जाकर तय करो- असली-नकली
शिवसेना के दोनों गुट कोतवाली पहुंचे। सीओ सिटी सिद्धार्थ वर्मा ने बताया कि दोनों गुटों से कहा गया कि वह मुंबई जाकर तय करें कि असली शिवसेना का कौन है और फर्जी कौन। पुलिस को इससे मतलब नहीं है। कानून व्यवस्था बिगाड़ोगे तो सख्त कार्रवाई होगी। हमने दोनों गुटों से तहरीर मांगी तो वह ये कहकर चले गए कि बाद में तहरीर देंगे। इसके बाद वापस नहीं आए। पुलिस ने दोनों का समझौता नहीं कराया। बीएन शुक्ला के बारे में एक गुट ने सामना अखबार (महाराष्ट्र) के उपसंपादक से बात कराई तो उसने बताया कि यूपी में शिवसेना की पुरानी कार्यकारिणी भंग कर दी गई है। उसमें ये पार्टी से निकाल दिए गए हैं। सिद्धार्थ वर्मा, सीओ प्रथम