मामला बहेड़ी तहसील का है। वर्ष 2003-04 में बकाया राजस्व की अदायगी न करने पर बहेड़ी के गांव ढकिया ठाकुरान में रहने वाले सुरेंद्र पाल का ट्रैक्टर जब्त कर लिया गया था जिसकी रिपोर्ट पांच जुलाई 2003 को दर्ज हुई। इस रिपोर्ट में ट्रैक्टर को नायब नाजिर के अभिरक्षा में तहसील प्रांगण में रखे जाने का उल्लेख है। इसके बाद 28 जनवरी 2004 की तारीख में इस ट्रैक्टर की नीलामी उसी गांव के महेश पाल सिंह के नाम 58 हजार रुपये में दर्ज हुई। सुरेंद्र पाल ने महेशपाल सिंह से अपना ट्रैक्टर वापस खरीदना चाहा तो पता चला कि उसके पास तो ट्रैक्टर है ही नहीं। तहसील में भी ट्रैक्टर कब किसे दिया गया, उसका कोई भी अभिलेख या नीलामी की मूल पत्रावली नहीं मिल रही।
तहसीलदार ने एसडीएम नवाबगंज के पेशकार को नोटिस जारी कर दो दिन के अंदर हाजिर होकर लिखित जवाब देने को कहा है। नोटिस में कहा है कि स्पष्टीकरण न मिलने पर पेशकार के खिलाफ कार्रवाई के लिए उच्चाधिकारियों को लिख दिया जाएगा जिसके जिम्मेदार वह खुद होंगे। एडीएम प्रशासन की ओर से भी इस पेशकार से स्पष्टीकरण तलब करने की प्रक्रिया अपनाई जा रही है। बहेड़ी के एसडीएम आरएन तिवारी ने इसकी पुष्टि की।