समाजवादी पार्टी के नेता और पूर्व मंत्री शहजिल इस्लाम पर भोजीपुरा में चकरोड की जमीन पर कब्जा करने का आरोप है। मुख्यमंत्री के आदेश पर एसडीएम सदर आईएएस अनुपम शुक्ला की तो अवैध कब्जे की पुष्टि हो गई। इसके बाद इस मामले में इससे पहले गलत रिपोर्ट देने के आरोप में हल्का लेखपाल दिनेश कुमार शर्मा को निलंबित कर दिया। विभागीय जांच के बाद लेखपाल के खिलाफ आगे की कार्रवाई होगी।
भोजीपुरा इलाके में पूर्व मंत्री के फार्म हाउस के पास पीछे कन्हईलाल की जमीन है। कन्हई लाल ने मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी थी कि पूर्व मंत्री ने चकरोड की जमीन पर कब्जा करके उनका रास्ता बंद कर दिया है। डीएम ने इस पर एसडीएम को जांच कर कार्रवाई करने का आदेश जारी किया। सिस्टम के मुताबिक यह मामला तत्कालीन एसडीएम अपूर्वा दुबे से होते हुए लेखपाल दिनेश शर्मा तक पहुंचा। लेखपाल ने चकरोड पर कब्जे की शिकायत को गलत बताते हुए रिपोर्ट भेज दी। एसडीएम ने उसी रिपोर्ट को शासन को बढ़ा दिया। इस पर कन्हई लाल ने फिर शिकायत करके इंसाफ मांगा।
एसडीएम सदर रहीं अर्चना द्विवेदी के कार्यकाल में दूसरी बार भी कन्हईलाल को झूठा साबित करते शासन को लेखपाल की रिपोर्ट के आधार पर रिपोर्ट भेज दी गई। कन्हईलाल ने मुख्यमंत्री कार्यालय में तीसरी बार शिकायत की तो वहां से जिला प्रशासन को गंभीरता से मामले की जांच कराने के आदेश जारी किए गए। डीएम राघवेंद्र विक्रम सिंह ने इस पर एसडीएम सदर आईएएस अनुपम शुक्ला को खुद मौके पर जाकर जांच करने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान लेखपाल की रिपोर्ट गलत पाई गई। चकरोड पर पूर्व मंत्री ने कब्जा कर रखा है। यह मामला गंभीर है, इसलिए लेखपाल को निलंबित कर दिया है। कब्जा हटवाने की कार्रवाई भी होगी।
कन्हईलाल चकरोड पर कब्जा करने का आरोप गलत लगा रहा है। उसके परिवार के कई लोगों की जमीन हमने खरीद ली है। वह भी हमें जमीन बेचना चाहता है। कन्हई लाल कई साल से आधा बीघा चकरोड की जमीन पर कब्जे की शिकायतें कर रहा है। इसके पहले दो एसडीएम ने जांच कराने के बाद रिपोर्ट शासन को भेजी है। जिसमें उन पर लगे आरोप गलत पाए गए हैं। - शहजिल इस्लाम, पूर्व मंत्री