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राशन के खेल में खाद्य निगम सबसे बड़ा खिलाड़ी

Sat, 27 May 2017 01:15 AM IST
बरेली। 
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राशन माफिया का एक और खेल पकड़ा गोदाम सीज - फोटो : राशन माफिया का एक और खेल पकड़ा गोदाम सीज
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राशन के खेल में उत्तर प्रदेश खाद्य एवं आवश्यक वस्तु निगम(एसएफसी) के अधिकारी और कर्मचारी सबसे बड़े खिलाड़ी है। हालांकि गेंहू क्रय केंद्र संचालित करने वाली बाकी एजेंसियों पर भी अंगुलियां उठ रही है। पूर्ति विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों से सांठगांठ करके राशन माफिया गरीबों के हक पर डाका डालने का काम कर रहे हैं। इसमें कुछ नेताओं की भूमिका भी संदिग्ध है। नेता, अफसरों और राशन माफियाओं के गठजोड़ को तोड़ने के लिए बड़ी कार्रवाई किए जाने की जरूरत है। बिथरी चैनपुर के उड़ला जागीर में एसएफसी के गोदाम में जिस लचीले ढंग से कार्रवाई की गई, उसने साबित किया किया कि असली खिलाड़ी तो एसएफसी के अफसर ही हैं। पूर्व जिलाधिकारी सुरेंद्र कुमार ने शासन को लिखा भी था कि यहां सब गड़बड़ घोटाला चल रहा है। उन्होंने अफसरों के खिलाफ कार्रवाई के लिए लिखा था। 
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कोटेदार हैं खेल के असली मोहरे
राशन माफियाओं के खेल के असली मोहरे कोटेदार हैं। हर महीने की 15 तारीख जिले के सभी ब्लाकों में बनाए गए राशन के गोदामों में उठान का काम शुरू हो जाता है। माफिया कोटेदारों से सांठगांठ करके धनराशि भी खुद की जमा करा देते हैं। जितना माल कोटेदार को बांटना होता है, वह ले जाते हैं। बाकी माल माफिया गोदाम से ही ले जाते हैं। 
बाबूराम ने बेस्ट कॉलोनी में बनाई कोठी 
गरीबों के हिस्से के राशन की ब्लैक में बेचकर करोड़ों कमाने वाले बाबूराम ने भुता की बेस्ट कॉलोनी में कोठी बनाई है। पिछली सरकार में सपा नेताओं की मेहरबानी से उसका काला कारोबार चल रहा था। इस सरकार में भी उसने कुछ खास लोगों को अपनी टीम में शामिल कर लिया। पड़ौली गांव में सरनजीत के फार्म हाउस जंगल में है। इसलिए उसने इसी स्थान को गोदाम के लिए चुना था। उसने अपने घर से नीचे गोदाम बना रखा है। उसी के सहारे राशन का काला कारोबार करता है। 
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पुलिस ने भी खिलाड़ियों को बचा दिया
28 मार्च को पुलिस और पूर्ति विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से छापामारी करके राशन में गड़बड़ी का मामला पकड़कर दो लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया था। मौके से ठेकेदार फिरासत को गिरफ्तार करके पुलिस ने जेल भेज दिया था। जबकि उसके पार्टनर मुन्ना का लड़का भागने में कामयाब रहा था। पुलिस ने अभी तक मुकदमे में मुन्ना का नाम मुकदमे में नहीं खोला। गोदाम प्रभारी गुलाब सिंह भी इस मामले में नामजद हुआ था। पुलिस ने उसे अभी तक गिरफ्तार करने की जहमत नहीं है। मुन्ना को अभी तक पुलिस बचा रही है। गुलाब सिंह एसएफसी के जिला प्रबंधक थान सिंह की गाड़ी के चालक हैं, उन्हें गोदाम प्रभारी बनाकर उन्हीं ने भेजा था। मुकदमा लिखे जाने के बाद भी गुलाब सिंह के खिलाफ अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उनका तबादला शाहजहांपुर कर दिया गया है। 
प्रदीप भी खरीदता है कोटेदारों से राशन
एसडीएम ज्योति गौतम और सीओ नीति द्विवेदी के पूछताछ करने पर बाबूराम गुप्ता ने फरीदपुर के प्रदीप का नाम बताया है। बाबूराम ने बताया कि भुता में गजनेरा रोड स्थित गोदाम से फरीदपुर का प्रदीप कोटेदारों से राशन खरीदने के बाद बेचता है। वह भी उसी से राशन खरीदता था। पुलिस प्रदीप की तलाश में छापामारी कर रही है। 
डीएम बोलीं, राशन में गड़बड़ी करने वाले जेल जाएंगे
-शुक्रवार भुता में राशन में बड़ा खेल पकड़े जाने पर डीएम ने नाराजगी जताई। उन्होंने रात में ही एजेंसियों के जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों की बैठक लेक र सबको कस दिया। डीएम ने कहा कि सारी एजेंसियों की जांच कराकर गड़बड़ी करने वाली ब्लैक लिस्ट की जाएंगी। भुता के मामले में आरोपियों के खिलाफ आवश्यक वस्तु अधिनियम की धारा 3/7 के तहत सख्त कार्रवाई होगी। गड़बड़ी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। राशन वितरण में गड़बड़ी करने वाले जेल जाएंगे।  
-भुता में राशन माफियाओं के खिलाफ मुकदमा लिखाकर सख्त कार्रवाई कराई जा रही है। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी मौके पर हैं, किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा- पीवी जगनमोहन, मंडलायुक्त 
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