फरीदपुर। फतेहगंज पूर्वी इलाके में तीन वारदातों के बाद बदमाशों ने कस्बे में स्टेशन रोड पर दिनदहाड़े डकैती कर पुलिस को सीधी चुनौती दी है। बिजली कर्मचारी बनकर आये बदमाशों ने कपड़ा व्यापारी की कोठी में मौजूद उनकी पत्नी को बंधक बनाकर मारपीट की और करीब पंद्रह लाख का माल समेट ले गए। सूचना पर पुलिस के होश उड़ गए। अफसरों ने फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट से लेकर डॉग स्कवॉड तक की मदद से साक्ष्य जुटाने की कोशिश की। संदेह के आधार पर बिना नंबर की दो बाइक भी जब्त की हैं।
स्टेशन रोड पर कपड़ा व्यापारी अखिलेश अग्रवाल की कोठी है। उनका बेटा पूना में इंजीनियर है और बेटी लंदन में है। घर पर अखिलेेश और उनकी पत्नी कंचन के साथ ही कुछ नौकर रहते हैं। रोज की तरह रविवार सुबह अखिलेेेश मोहल्ला साहूकारा स्थित अपनी दुकान चले गए। ग्यारह बजे नौकरानी भी चली गई। कंचन ने दरवाजा बंद कर लिया। करीब साढे़ ग्यारह बजे पांच युवक दरवाजे पर आये और बोले कि बिजली का बिल ले लीजिए। दरवाजा खोलते ही इन्होंने कंचन को दबोच लिया। तीन युवक अंदर घुसे और सीने पर तमंचा रखकर घर की चाबी ले ली। कंचन ने विरोध किया तो बदमाशों ने उनकी पिटाई की। धमकाने की कोशिश में चाकू दिखाया जो कंचन के हाथ में लग भी गया। फिर कंचन के हाथ से सोने की चूड़ी, दो अंगूठी व चेन लूट ली। उनके हाथ और पैर बांधकर मुंह पर टेप लगाकर बांध दिया। करीब डेढ़ घंटे तक घर की सारी अलमारी, बिस्तर खंगाल लिया। फिर सारा सामान लेकर फरार हो गए। कंचन कमरे से घिसटकर किसी तरह गेट पर पहुंच र्गइं। रोड से निकलने वालों से हाथ-पैर और मुंह की पट्टी खोलने को इशारा किया लेकिन डर की वजह से किसी ने मदद न की। बाद में एक पड़ोसी ने उनके बंधन खोले। कंचन ने पति अखिलेश को मोबाइल से जानकारी दी तो वह तत्काल भागे चले आए। कोतवाल अख्तर सज्जाद फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। तत्काल ही उन्होंने कस्बे से निकलने वाले सभी रास्तों पर चेकिंग शुरू करा दी। अखिलेश ने जायजा लिया तो पता चला कि करीब पंद्रह लाख का माल बदमाश ले गए हैं। सीओ नीति द्विवेदी भी पहुंचीं और फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट तथा डॉग स्कवॉड को भी बुला लिया। कुत्ता पहले कोठी के सामने रोड पर गया और फिर ब्लाक की दीवार पर जाकर खोजी कुत्ता रुक गया। पुलिस को शक है कि यही दीवार कूदकर बदमाश फरार हो गए। दीवार की दूसरी तरफ ब्लाक में दो बाइक बिना नंबर प्लेट की खड़ी थीं। इन्हें पुलिस ने कब्जे में ले लिया। व्यापारी ने अज्ञात डकैतों पर रिपोर्ट करा दी है। पुलिस ने दबिश को कई टीमें रवाना कर दी हैं।
सुबह से कर रहे थे रेकी
डकैत सुबह साढे़ नौ बजे कोठी के आसपास घूम रहे थे। कोठी के सामने महेेश कुमार का मकान है। उनकी पत्नी ने अंजान लोगों को देखा लेकिन यह नहीं भांप पाई कि यह कोई घटना कर सकते हैं। कोठी में घुसे डकैतों में एक हरी कमीज, एक धारीदार और एक पीले रंग की कमीज पहने था। एक डकैत के दाढ़ी थी तो दो बीस से लेकर पच्चीस साल उम्र के थे।
वारदात के बाद डकैतों ने माफी मांगी
पीड़ित की मानें तो वारदात के दौरान बदमाशों का अंदाज हर पल बदलता रहा। कभी वह सख्त दिखे तो कभी नरम पड़ गए। डकैतों में से एक कंचन को बंधक बनाकर पास ही खड़ा हो गया। बोला कि आंटी जी आप चिर्ल्लाइं तो यह आपके साथ मुझे भी जान से मार देंगे। इसलिए हरकत मत करना। जब डकैतों ने पूरा माल साफ कर लिया तो कंचन के पास आयेे और सभी ने उन्हें नमस्कार किया। कहा कि हम जा रहे हैं। तब डकैतों की जेब से एक कागज निकलकर गिर गया। उसको बाद में देखा तो एक प्राइवेट बस का तीस रुपये का टिकट बीसलपुर से फरीदपुर का निकला। इसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया।
अपनी तरह की पहली वारदात
फरीदपुर में लूट, डकैती की पहले कई घटनाएं हो चुकी हैं पर दिन में इस तरह की डकैती कभी नहीं हुई। वारदात से पूरा परिवार और फरीदपुर स्तब्ध रह गया है। स्टेशन रोड पर पीतांबरपुर स्टेेेशन के अलावा, आधा किमी पर सीओ और एसडीएम से लेकर जेएम न्यायालय है। चहलपहल वाले सुरक्षित इलाके में वारदात पुलिस की सक्रियता पर भी सवाल उठा रही है।
व्यापार मंडल ने जताया रोष
व्यापार मंडल के अध्यक्ष राव वीरेंद्र अग्रवाल, राजीव मिश्रा, अनुज, महावीर जायसवाल, सुधीर, राजीव अग्रवाल, आशु अग्रवाल और मौके पर पहुंच गये और घटना पर रोष व्यक्त किया। उन्होंने जल्द अभियुक्तों को पकड़ने की मांग की। अध्यक्ष ने कहा कि वह लोग कल सीओ और कोतवाल से मिलेंगे। जल्द खुलासा न हुआ तो व्यापारी आंदोलन करेंगे।