Father thrown to the ground from the roof
- फोटो : बरेली, अमर उजाला
15 बीघा जमीन के लिए इकलौते बेटे ने बुजुर्ग पिता पर ऐसे जुल्म ढहाए जिसे सुनकर हर कोई दंग रह जाए। पहले पिता का सात दिन तक खाना-पीना बंद कराया फिर छत में ले जाकर धक्का दे दिया। शुक्र था पिता की जान बच गई। चीख पुकार सुनकर पड़ोसी पहुंचे और बुुजुर्ग को अस्पताल ले गए। सोमवार को मरहम पट्टी के बाद गांव का चौकीदार उन्हें थाने ले गया और बेटे के खिलाफ एनसीआर दर्ज कराई। बेटा घर से भाग गया है। जबकि प्रधान पिता-पुत्र के बीच समझौता कराने की बात कह रहे हैं।
मामला बहजुईया गांव का है। गांव के 55 वर्षीय राजपाल की पत्नी की 10 साल पहले मौत हो चुकी है। बेटा धर्मेंद्र उनकी इकलौती संतान है। राजपाल का कहना है कि उनके पास 15 बीघा जमीन है। बेटा कई साल से जमीन को पोती के नाम कराए जाने का दबाव बना रहा है। दोनों में अनबन रहने के कारण राजपाल अपने बड़े भाई मनोहर सिंह के साथ रहते थे। मनोहर सिंह ने शादी नहीं की थी। उन्होंने अपनी पांच बीघा जमीन धर्मेंद्र की पत्नी के नाम कर दी थी। एक साल पहले मनोहर सिंह की मौत हो गई तो राजपाल बेटे धर्मेंद्र के साथ रहने लगे। आरोप है कि धर्मेंद्र ने फिर जमीन के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया। रविवार देर रात में भी धर्मेंद्र ने उनसे मारपीट की। आरोप है कि धर्मेंद्र के ससुर अजयपाल ने भी उन्हें पीटा। इसके बाद वह उन्हें जबरन छत पर ले गया और धक्का देकर गिरा दिया। वह भाई मनोहर के छत पर गिर गया। चीख पुकार पर पड़ोसी पहुंचे और उन्हें इलाज के लिए सीएचसी ले गए। वहां डॉ. राजेंद्र ने उनका प्रारंभिक इलाज किया और सिर में चोट आने के कारण एक्सरे के लिए बरेली रेफर कर दिया। धर्मेंद्र रविवार की रात से ही फरार है। प्रधान मुकेश यादव ने कहा कि गांव के लोग पंचायत करके उस पर दबाव बनाएंगे कि पिता को सम्मान के साथ अपने घर रखे।
राजपाल को गुम चोटें आई हैं, उनका मेडिकल करा दिया गया है। फिलहाल एनसीआर दर्ज करा दी गई है। धर्मेंद्र को हिरासत में लेने के लिए दबिश दी जा रही है। दोनों के बीच समझौता कराने की कोशिश की जाएगी।
- सत्येंद्र कुमार पवार, इंस्पेक्टर आवंला