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नकली नोट भी एटीएम में, सोच-समझकर निकालें कैश

Mon, 23 Apr 2018 06:42 PM IST
न्यूज डेस्क,अमर उजाला,बरेली
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Fake notes
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अगर एटीएम से कैश निकालने जा रहे हैं तो सोच-समझकर उसका इस्तेमाल करें। इन एटीएम से नकली नोट भी निकल रहे हैं। सुभाषनगर में रविवार को यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम से कैश निकालने पहुंचे कई लोगों के पांच-पांच सौ के कुछ चूरन वाले नोट भी हाथ आए तो वे हैरान रह गए। परेशान लोगों ने बैंक अफसरों से शिकायत करने की कोशिश की, लेकिन इतवार की छुट्टी होने की वजह से कोई बैंक अफसर नहीं मिला। आखिर वे निराश होकर लौट गए। अब ये लोग सोमवार को बैंक अफसरों से शिकायत करेंगे।
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सुभाषनगर में यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया के एटीएम में नकली नोट भी लोड कर दिए गए। रविवार सुबह सुभाषनगर के ईश्वरी भवन में रहने वाले अशोक कुमार पाठक ने इस एटीएम से 4500 रुपये का कैश निकाला। हाथ में आए पांच-पांच सौ के नौ नोटों में एक नोट नकली था। उस पर चूरन नोट लिखा था। अशोक कुमार पाठक ने बताया कि रविवार को बैंक बंद था, लिहाजा उन्हें कोई अधिकारी नहीं मिला। अब वह सोमवार को बैंक आकर मामले से बैंक अधिकारियों को अवगत कराएंगे। कुछ देर बाद इसी एटीएम में बदायूं रोड की शांति विहार कालोनी के इंद्र कुमार शुक्ला ने भी कैश निकाला तो असली नोटों के साथ उन्हें भी पांच-पांच सौ के दो नकली नोट मिले। इसी तरह एक अन्य ग्राहक को भी पांच-पांच सौ के दो नकली नोट मिले। एटीएम से नकली नोट मिलने से परेशान लोग काफी देर वहीं हंगामा करते रहे। एटीएम पर भीड़ इकट्ठी हो गई। काफी देर तक अफरा-तफरी रही, लेकिन उनकी दिक्कत का कोई हल नहीं निकल सका। 

कमीशनखोरी का खेल
आउटसोर्सिंग एजेंसियों और बैंक अफसरों पर उठती रही है उंगली
बरेली। एटीएम से नकली नोट निकलने के मामले में उनमें कैश लोड करने वाली आउटसोर्सिंग एजेंसियों के कर्मचारियों के साथ बैंक अफसरों पर भी उंगली उठ रही है। दरअसल एटीएम में कैश लोड करने की आड़ में कमीशनबाजी का खेल भी चल रहा है। यही वजह है कि अगर कोई ग्राहक ऐसे मामलों में शिकायत भी करता है तो बैंक अधिकारी कोई एक्शन लेना तो दूर सुनवाई तक नहीं करते।
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एटीएम से नकली नोट निकलने के मामले पहले भी सामने आते रहे हैं। ज्यादातर घटनाएं उन एटीएम पर हुई हैं जो बैंकों से अलग है। दरअसल पांच फीसदी एटीएम जो बैंक परिसर में ही स्थित हैं, उन पर बैंक का स्टाफ ही कैश लोड करता है। बैंक शाखा से अलग स्थित बाकी 95 फीसदी एटीएम पर आउटसोर्सिंग एजेंसियों के कर्मचारी कैश लोड करते हैं। एटीएम को लोड करने के लिए एजेंसी को बैंक अपने करेंसी चेस्ट से कैश मुहैया कराते हैं। करेंसी चेस्ट से एटीएम में लोड होने से पहले जब कैश की अच्छी तरह जांच होती है, ऐसे में जाहिर है कि एटीएम में असली नोटों के बीच नकली नोट लोड करने का खेल करेंसी चेस्ट से कैश हैंडओवर किए जाने के बाद ही हो रहा है। करेंसी चेस्ट से मिलने वाले अच्छे नोटों की जगह कटे-फटे और स्याही लगे या नकली नोट भी लोड कर दिए जाते हैं। बैंकों में नोटों के सीरियल नंबर का भी कोई रिकार्ड नहीं होता। कैश को बदलने में बैंक अफसर और नोट आपूर्ति करने वाली एजेंसियों के कर्मचारी की मिलीभगत होती है। यही वजह हैै कि ऐसे मामलों की शिकायत पर बैंक अफसर कोई कार्रवाई भी नहीं करते। 

एजेंसी के खिलाफ दर्ज होगी एफआईआर 
यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया की चौकी चौराहा मेन ब्रांच के मैनेजर बच्चन शॉ ने बताया कि अभी एटीएम से नकली नोट निकलने के मामले में कोई शिकायत उनके पास नहीं आई है। अगर कोई कस्टमर ऐसी शिकायत करेगा तो एटीएम में कैश लोड करने वाली एजेंसी पर केस दर्ज कराया जाएगा। उन्होंने कहा कि करेंसी चेस्ट से नोट सही दिए जाते हैं, कैश सप्लाई करने वाली एजेंसियां ही गड़बड़ी करती करती है। 
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