शाही। गांव सब्जीपुर खाता में भैंसें खोलकर ले जा रहे पशु चोरों ने टोकने पर बुजुर्ग देवदत्त के सीने में गोली मारकर हत्या कर दी। आधी रात के बाद हुई बुजुर्ग की हत्या से गांव में सनसनी फैल गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। सीओ गिरीश कुमार सिंह ने घटनास्थल का मौका मुआयना किया। मृतक के बेटे ने अज्ञात पशु चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया है। थाना शाही के गांव सब्जीपुर खाता में 60 वर्षीय देवदत्त पुत्र छेदालाल घर से लगभग 100 मीटर दूर आबादी के बाहरी हिस्से में घेर में सो रहे थे। पशुओं की रखवाली की वजह से वह घेर में सोते थे। देवदत्त का बड़ा बेटा धर्मपाल (40) और छोटा ओमकार (35) भी कुछ दूरी पर अलग चारपाइयों पर सो रहे थे। आधी रात को बारह बजे के बाद पांच पशु चोर उनके घेर में घुस आए। घेर में चार पशु बंधे थे। पशु चोर पहले उनमें से दो भैंसें खोलकर ले गए और बाहर खड़े साथियों को भैंस दे आए। जब तीसरी भैंस को खोलकर ले जाने लगे तभी आहट होने पर देवदत्त की आंख खुल गई। उन्होंने उठकर देखा तो चोर भैंस लेकर जा रहे थे। देवदत्त ने पशु चोरों को ललकारा और चोर-चोर कहते हुए धर्मपाल को आवाज लगानी शुरू कर दी। पकड़े जाने के डर से चोरों ने देवदत्त पर गोली दाग दी। पशु चोर खोली गई भैंसों को छोड़कर भाग गए। पशु चोरों की गोली से देवदत्त की हत्या की खबर से पूरे गांव में सनसनी फैल गई। एसओ शाही हरचन सिंह यादव ने रात में ही थाने पहुंचकर पशु तस्करों की तलाश की, लेकिन कोई पता नहीं लग पाया। मंगलवार सुबह पंचनामा भरकर लाश का पोस्टमार्टम कराने के बाद परिवार वालों को सौंप दिया। सीओ गिरीश कुमार सिंह ने भी मौका मुआयना किया। मृतक के बड़े बेटे धर्मपाल की तहरीर पर अज्ञात पशु चोरों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके पुलिस ने विवेचना शुरू कर दी है। पशु चोर इससे पहले साल भर पहले इसी गांव के डालचंद की भैंस-चारा मशीन और एक-डेढ़ महीने बाद सोमपाल, मंगलसेन की एक-एक भैंस चुरा चुके हैं।
-पशु चोरों के खिलाफ मुकदमा लिखकर शेरगढ़ और शाही थाने की तीन टीमों को खुलासे में लगा दिया है। पुरानी घटनाओं में शामिल रहे पशु चोरों को भी दिखवाया जा रहा है। कुछ संदिग्धों के नाम भी आए हैं, जल्द ही घटना का खुलासा होगा-यमुना प्रसाद, एसपी देहात
गमगीन माहौल में शव का अंतिम संस्कार किया
धौंराटांडा। पशु चोरों की गोली से मारे गए बुजुर्ग देवदत्त का शव पोस्टमार्टम के बाद गांव पहुंचा तो वहीं अंत्येष्टि कर दी गई। यहां पूर्व मंत्री भाजपा नेता बहोरन लाल मौर्य भी थे। उन्होंने कहा कि घटना का शीघ्र खुलासा नहीं हुआ तो भाजपा आंदोलन छेड़ेगी। उन्होंने कहा कि घटना का सही खुलासा होना चाहिए। सब्जीपुर खाता निवासी देवदत्त भाजपा के पूर्व भोजीपुरा मंडल अध्यक्ष अंगनलाल गंगवार के भाई थे।