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शहर से देहात तक कुत्तों का आतंक

Sun, 18 Jan 2015 12:51 AM IST
बरेली
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शहर से लेकर देहात तक जंगली और आवारा कुत्तों ने दहशत फैला रखी है। शीशगढ़ के रसूलपुर गांव में एक मासूम जंगली कुत्तों का शिकार बन गई लेकिन वन विभाग से लेकर नगर पालिका तक सभी अधिकारियों ने कान में रूई डाल रखी है। खुलेआम घूम रहे जंगली और आवारा कुत्तों ने शनिवार को शहर में देहात में अलग-अलग स्थानों पर आठ लोगों को काटकर लहूलुहान कर दिया। तीन को प्राथमिक उपचार दे दिया गया है जबकि पांच अलग अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। बहेड़ी में अलग अलग स्थानों पर जंगली कुत्तों ने पांच बच्चों पर हमला कर उन्हें घायल कर दिया है वहीं बरेली कालेज में तीन परीक्षार्थियों पर कुत्तों ने हमला कर घायल कर दिया।
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शनिवार सुबह देवरनियां कस्बे के बसुपुरा गांव के इश्तियाक अहमद की सात साल की बेटी सुभानी पर जंगली कुत्तों ने गन्ने के खेत में हमला बोल दिया। उसे कनमन के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। शहर के मोहल्ला शेरनगर निवासी 10 साल अशरफ पर बाईपास रोड पर सुबह टहलने के दौरान जंगली कुत्तों ने काटा। परिवार वाले सीएचसी ले गए।
मुरारपुर गांव का शिवा सिंह सुबह करीब 11 बजे खेत के लिए निकला था। गन्ने के खेत में झुंड में बैठे जंगली कुत्तों ने उस पर हमला बोल दिया। आसपास के लोगों ने उसे बचाया। सीएचसी में  प्राथमिक उपचार के बाद उसे बरेली भेज दिया गया। हरहरपुर के योगेश पर भी गेहूं के खेत में कुत्तों ने हमला किया। गौटिया गांव के रोहताश को देर शाम नल पर पानी भरते समय काट लिया। उसे भी इलाज के लिए सीएचसी ले जाया गया।
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वहीं बरेली कालेज में एलएलबी की परीक्षा के दौरान तीन परीक्षार्थियों को कुत्ते ने काट दिया। घायल छात्रा की कॉलेज के डॉक्टर ने ड्रेसिंग की। चीफ प्रॉक्टर डॉ. अजय शर्मा ने बताया कि वह कई बार नगर निगम से कुत्तों को पकड़वाने के लिए कह चुके हैं। कुत्ते कॉलेज आने-जाने वालों को दौड़ा रहे हैं। शनिवार की घटना के बाद टॉयलेट के पास एक गार्ड को खड़ा कर दिया गया है।

दो बच्चियों को बना चुके हैं निवाला
बहेड़ी। इससे पहले जंगली कुत्तों ने शरीफ नगर की एक बच्ची को नोच कर मार डाला था। रसूलपुर गांव में बृहस्पतिवार को आठ साल की बच्ची की जान ले ली थी। कुंवरगढ़ा गांव में दो भाई-बहनों पर हमला किया गया था। बुधवार को आदलपुर में नत्थूलाल की 12 वर्षीय बेटी मंजू पर भी नोचकर कर घायल कर दिया था।

लोग दहशत में
जंगली और आवारा कुत्तों के आतंक से सभी बेहद परेशान है। एसडीएम रामेश्वर नाथ तिवारी हर बार रटा रटाया जवाब दे रहे हैं कि वन विभाग को कु त्तों को पकड़ने के लिए लिखकर भेजा गया है। वन विभाग इससे बचते नजर आ रहा है। रेंजर आर बी सिंह से फोन पर पक्ष लिया गया तो उन्होंने साफ-साफ कह दिया किया कि कुत्तों को पकड़ने की ड्यूटी उनकी नहीं हैं।

निगम का बस टीकाकरण, वह भी पूरा नहीं
नगर निगम ने आवारा कुत्तों को पकड़ना बंद कर दिया है। केवल टीकाकरण के लिए कुत्तों को पकड़ रहा है और नसबंदी कर छोड़ दे रहा है। दिलचस्प यह है कि टीकाकरण का लक्ष्य केवल एक हजार कुत्तों का रखा गया है कि जबकि शहर में करीब तीस हजार से अधिक आवारा कुत्ते हैं।
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वर्जन
जंगली कुत्तों के खिलाफ अभियान चलाने को वन विभाग को कहा गया है। अब इस बाबत एक चिट्ठी डीएफओ बरेली को लिखकर भेजी जाएगी।
रामेश्वर नाथ तिवारी एसडीएम बहेड़ी।
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