इज्जतनगर इलाके की छोटी बिहार में ऑटो ड्राइवर के पत्नी के लिए तीन बार तलाक कहा तो ये बात सुनकर पत्नी रोती बिलखती मायके जा पहुंची। युवती का पिता ये बात सुनकर सीधे बेटी की ससुराल पहुंचा और ससुर और दामाद में मारपीट होने लगी। ससुर ने दामाद के सिर पर डंडा मारा तो उसका सिर फूट गया। पुलिस मारपीट को ससुर और दामाद को थाने लायी और हवालात में डाल दिया। शाम को मोहल्ले के कुछ लोग महिला को लेकर थाने पहुंच गए। हवालात से निकालकर ड्राइवर से उसकी पत्नी की अकेले में बात कराई तो बात बन गई। दोनों मुस्कराते हुए सामने आये। युवती ने कहा उसने तलाक देते हुए सुना ही नहीं इसलिए कोई तलाक हुआ ही नहीं। मामले का सुखद अंत हुआ और पुलिस ने भी उन्हें छोड़ दिया, सभी अपने घर चले गए।
बिहार कला के नसीर अहमद की बेटी अंजुम की शादी साढ़े तीन साल पहले आटो ड्राइवर हसन के साथ हुई थी। हसन भी बिहार कला में ही ससुराल से दस कदम दूर रहता है। अंजुम का दो साल का बेटा और सात माह की बेटी है। पति पत्नी में छोटी-छोटी बातों पर आए दिन विवाद होता रहता है। नसीर के मुताबिक मंगलवार को पति नेे अंजुम को मारपीट कर घर से निकाल दिया था। पति का आरोप था कि अंजुम ने बच्चों की पिटाई करती है और खाना बनाकर नहीं देती। बुधवार को हसन ने ससुर के मकान के पास जाकर तलाक, तलाक, तलाक कह दिया और अपने घर के बाहर आकर खड़ा हो गया। अंजुम के पिता को जब तलाक के बारे में जानकारी मिली तो वह गुस्से पर काबू नहीं कर पाए। उन्होंने दामाद के घर जाकर उसके सिर पर डंडा मार दिया। जिससे उसका सिर फूट गया और खून बहने लगा। मोहल्ले के लोगों ने समझौता कराने की बात कहकर दोनों को शांत कर दिया, लेकिन शाम को हसन थाने पहुंच गया। हसन ने मामले में ससुर के खिलाफ मारपीट करने के आरोप में तहरीर दे दी। बृहस्पतिवार को पुलिस ससुर और दामाद को पकड़ लाई। दोनों को हवालात में डाल दिया गया। शाम को मोहल्ले के छह जिम्मेदार लोग थाने पहुंच गए। उनके साथ अंजुम भी मासूम बेटी को लेकर पहुंची। हवालात से निकालकर अंजुम की उसके पति से बात कराई गई। उसके पिता अंजुम को पति के साथ भेजने को तैयार नहीं थे, लेकिन वह हसन के साथ रहना चाहती थी। हसन भी ना नुकर के बाद राजी हो गया। इसके बाद पुलिस ने दामाद और ससुर दोनों को पुलिस ने छोड़ दिया।
मैं बेटी को घर में नहीं घुसने दूंगा
अंजुम हमसे रिश्ता तोड़कर पति हसन के साथ चली गई। जबकि हसन हमारे दरवाजे पर आकर तलाक दे गया। बिना उलेमा से पूछे उसे पति के साथ नहीं जाना चाहिए था। इसलिए अब हमारा अंजुम से कोई लेना-देना नहीं है। मोहल्ले के लोगों ने समझौता कराया है, वही जानें।
- नसीर अहमद, पिता
मैंने तो अंजुम को तलाक दे दिया था, वह अपनी गलती मान रही है इसलिए अब मैं फिर से बच्चों की खातिर अंजुम को माफ करके दोबारा निकाह कर लूंगा। ऐसे में किस तरह से हम फि र साथ रह पाएंगे इस बारे में उलमाओं से राय लेने के बाद फैसला होगा।
- हसन
पति से विवाद तो हो ही जाता है। हसन ने तलाक कब दिया मैंने सुना ही नहीं। मैं किसी भी हाल में पति से अलग नहीं होना चाहती है। हसन के साथ ही रहूंगी। जरूरत पड़ी तो इसके लिए उलमाओं से मशविरा लिया जाएगा।
- अंजुम
तलाक को लेकर ससुर-दामाद में मारपीट हो गई थी। बाद में मोहल्ले के कुछ जिम्मेदार लोग आए और दोनों में समझौता हो गया। इसके बाद क्या हुआ मुझे कोई जानकारी नहीं।
- अशोक कुमार, प्रभारी निरीक्षक, इज्जतनगर