समाजवादी पार्टी के नेताओं और अफसरों की मेहरबानी से अटैचमेंट कराकर मन पसंद थानों और मलाईदार चौकियों में वसूली करने वाले दूसरे जिले के पुलिसकर्मियों को लेकर डीआईजी आशुतोष कुमार गंभीर हैं। उन्होंने चारों जिलों के कप्तानों से अटैचमेंट कराने वाले वाले पुलिस कर्मियों की सूची मांगी है।
सत्ता के करीबी परिवारों के पुलिस कर्मी विधायकों और मंत्रियों की सिफारिश कराकर अफसरों से मनपसंद स्थानों पर अपनी तैनाती कराए हुए हैं। बरेली कॉलेज के एक जिम्मेदार अधिकारी की मेहरबानी से शहामतगंज चौकी पर एचसीपी देव सिंह यादव कई सालों से तैनात हैं। बारादरी की जगतपुर पुलिस चौकी पर करीब 30 सिपाही की तैनाती है। बहेड़ी की सिरसा चौकी और हल्का नंबर तीन पर सिपाहियों की संख्या रोज बढ़ रही है। वहां तैनाती कराने के लिए मारामारी होती है। सुभाषनगर में सिपाही रजनीश यादव, बिथरी चैनपुर में सत्यप्रकाश यादव की लंबे समय से तैनाती है। बरेली की मीरगंज, फतेहगंज पश्चिमी चौकियों पर भी सिपाही सालों से तैनात हैं। बीसलपुर की चुर्रा चौकी पर एचसीपी राजनारायण, बनवारी लाल, बिलसंडा में ललतेश आदि मनमौजी हैं। सत्ताधारी नेताओं की पैरवी की वजह से बदायूं के पुलिस ऑफिस में तैनात पुलिस कर्मियों को दागी होने पर हटाने के बाद फिर से उनका तबादला निरस्त करना पड़ा। नए डीआईजी ने अटैचमेंट के इस खेल को गंभीरता से लिया है। उन्होंने चारों जिले के उन पुलिस कर्मियों की सूची मांगी है, जो अटैचमेंट कराकर सालों के एक स्थान पर जमे हुए हैं। डीआईजी का कहना है कि उन लोगों को अटैच रखा जाएगा, जिसकी समस्या उपयुक्त है। बाकी सभी को रिलीव कराकर उनसे जिलों में भिजवा दिया जाएगा।